मुआवजे की मांग पर आक्रोशित ग्रामीणों ने शव के साथ खरसावां चांदनी चौक को किया जाम, डेढ़ घंटे के बाद एक लाख मुआवजा के आश्वासन से हटा जाम,
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खरसावां थाना क्षेत्र के बनाईकेला चौक के समीप शुक्रवार को सड़क हादसे में पीडीएस दुकानदार सह संतीकुदर निवासी करम सिंह बोदरा (55) की मौत के बाद शनिवार को ग्रामीणों और आदिवासी हो समाज महासभा के लोगों ने मुआवजे की मांग को लेकर शव के साथ खरसावां चांदनी चौक जाम कर दिया। दोपहर करीब 1:30 बजे शुरू हुआ सड़क जाम लगभग डेढ़ घंटे तक चला। अधिकारियों और वाहन मालिक की ओर से मुआवजे का आश्वासन मिलने के बाद करीब 3 बजे जाम हटाया गया।

सड़क जाम की सूचना पर खरसावां अंचल अधिकारी कप्तान सिंकू, खरसावां थाना प्रभारी राहुल कुमार सिंह और आमदा ओपी प्रभारी रामरेखा पासवान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों और मृतक के परिजनों से वार्ता की। वार्ता के दौरान मालवाहक 407 वाहन के मालिक की ओर से मृतक के परिवार को कुल एक लाख रुपये मुआवजा देने पर सहमति बनी। इसमें तत्काल 50 हजार रुपये दिए गए, जबकि शेष 50 हजार रुपये तीन से पांच दिनों के भीतर देने की बात कही गई। इसके अलावा वाहन के इंश्योरेंस से मिलने वाले मुआवजे का भी आश्वासन दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान आदिवासी हो समाज महासभा के मनोज सोय सहित मृतक के परिजन, समाज के लोग और संतीकुदर के ग्रामीण मौजूद रहे।
राशन लेने के बाद नातियों को स्कूल से लेकर लौट रहे थे
बताया गया कि करम सिंह बोदरा शुक्रवार को अपनी हीरो सुपर स्प्लेंडर बाइक संख्या जेएच 06 पी 2306 से खरसावां प्रखंड परिसर स्थित राज्य खाद्य निगम (एसएफसी) गोदाम से अपनी पीडीएस दुकान का राशन लेने गए थे। राशन उठाने के बाद वे देहरूडीह स्थित आदर्श ग्लोबल पब्लिक स्कूल पहुंचे और वहां पढ़ने वाले अपने दोनों नातियों को बाइक पर बैठाकर संतीकुदर लौट रहे थे।
इसी दौरान बनाईकेला चौक के समीप उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बताया गया कि उनके पीछे पीडीएस दुकान का राशन लदा 407 वाहन भी आ रहा था। हादसे में करीब 70 क्विंटल राशन लदा 407 वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खेत में पलट गया।
दुर्घटना में करम सिंह बोदरा और उनके दोनों नाती गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से तीनों को खरसावां के एक निजी नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने करम सिंह बोदरा को जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
हादसे में उनके नाती निखिल बोदरा (8), पिता मांगीलाल बोदरा, के सिर और पैर में चोट लगी है। वहीं दूसरे नाती बिरज सिंह बोदरा (10), पिता हरिचरण बोदरा, के सिर और हाथ में चोट आई है। दोनों आदर्श ग्लोबल पब्लिक स्कूल, देहरूडीह में क्रमशः कक्षा दो और कक्षा तीन के छात्र हैं।
