सड़क किनारे खड़े 25 भारी वाहनों पर कार्रवाई, 1.70 लाख जुर्माना
सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस का विशेष अभियान, कंपनियों व पेट्रोल पंप संचालकों को भी चेतावनी
Seraikella
सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सड़क किनारे अवैध पार्किंग के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। उपायुक्त नितिश कुमार सिंह के निर्देश पर शनिवार को परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े 25 भारी वाहनों पर कार्रवाई करते हुए कुल 1.70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
जिला परिवहन पदाधिकारी शांकचार्य सामड़, मोटरयान निरीक्षक सरायकेला-खरसावां तथा यातायात पुलिस निरीक्षक के संयुक्त नेतृत्व में चलाए गए अभियान में सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों की जांच की गई। यातायात में बाधा उत्पन्न करने वाले वाहनों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की गई।
अभियान के दौरान माइकिंग के माध्यम से वाहन चालकों को सड़क किनारे अथवा प्रतिबंधित स्थानों पर वाहन खड़ा नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई। अधिकारियों ने बताया कि सड़क पर भारी वाहनों की अवैध पार्किंग से यातायात प्रभावित होने के साथ दुर्घटना की आशंका भी बढ़ जाती है।
कंपनियों के बाहर पार्किंग पर भी होगी कार्रवाई
जांच अभियान के दौरान विभिन्न कंपनियों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के बाहर सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों को लेकर संबंधित प्रबंधन को भी चेतावनी दी गई। कंपनी प्रबंधन को निर्देश दिया गया कि प्रतिष्ठान में आने वाले वाहनों के लिए परिसर के भीतर अथवा निर्धारित पार्किंग स्थल की व्यवस्था सुनिश्चित करें। मुख्य सड़क या सार्वजनिक मार्ग पर वाहनों की पार्किंग पाए जाने पर वाहन और जिम्मेदार पक्ष के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पेट्रोल पंप संचालकों को भी निर्देश

जिले के विभिन्न पेट्रोल पंपों के प्रबंधकों को भी माइकिंग के माध्यम से निर्देश दिया गया कि पेट्रोल पंप के बाहर सड़क पर वाहनों की अनधिकृत पार्किंग नहीं होने दें। अधिकारियों ने यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में पेट्रोल पंप संचालकों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क किनारे अवैध पार्किंग के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों और संबंधित जिम्मेदार पक्षों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी
