खरसावां मे प्रमंडलीय स्तरीय आंदोलनकारियों ने की बैठक
आश्रितों को नौकरी व सम्मान राशि 20 हजार करने की मांग, अन्यथा
12 से 20 नवंबर तक जिला मुख्यालयों में आंदोलन की चेतावनी,
Kharsawan
खरसावां पथ निरीक्षण भवन में सोमवार को प्रमंडलीय स्तरीय झारखंड आंदोलनकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता झारखंड संयोजक धनपति सरदार ने की। इसमें स्थानीय एवं नियोजन नीति लागू करने, पेसा कानून-1996 के प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू करने, झारखंड आंदोलनकारियों की सम्मान राशि बढ़ाने, आश्रितों को सरकारी नौकरी देने समेत विभिन्न मांगों पर चर्चा की गई। मौके पर श्री सरदार ने कहा कि अलग झारखंड राज्य के निर्माण के लिए आंदोलनकारियों ने अपना जीवन, समय और संसाधन समर्पित किया। कई लोगों ने आंदोलन के दौरान जान गंवाई, परिवार उजड़े और महिलाओं को विधवा होना पड़ा। इसके बावजूद राज्य गठन के 26 वर्ष बाद भी आदिवासी-मूलवासी झारखंडी और आंदोलनकारी परिवारों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक में मांग की गई कि जिले के अंतिम सर्वे सेटलमेंट को आधार मानते हुए 1932 आधारित स्थानीय एवं नियोजन नीति प्रभावी रूप से लागू की जाए। साथ ही पेसा नियमावली-2025 में संशोधन कर पेसा कानून-1996 की मूल भावना और उसके प्रमुख प्रावधानों को पूरी तरह लागू करते हुए ग्राम सभाओं को उनके संवैधानिक अधिकार दिए जाएं। आंदोलनकारियों ने सम्मान राशि बढ़ाकर कम से कम 20 हजार प्रतिमाह करने और प्रत्येक आंदोलनकारी के एक आश्रित को शैक्षणिक योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी देने की मांग रखी। उन्होने कहा कि अगर झारखंड सरकार हमारी मांगों को गंभीरता से नही लिया तो आगामी 12 नवंबर से 20 नवंबर तक झारखंड के सभी प्रमंडलीय और जिला मुख्यालयों में आंदोलन की चेतावनी दी गई। आंदोलनकारियों ने कहा कि उनकी मांगों पर आवश्यक कार्रवाई नहीं हुई तो झारखंडियों के न्याय, मान-सम्मान और हक-अधिकार के लिए आंदोलनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके अलावा वन अधिकार अधिनियम-2006 के प्रभावी क्रियान्वयन, वन विभाग के पदाधिकारियों की भूमिका पर अंकुश लगाने तथा झारखंड में अगले 50 वर्षों तक भूमि अधिग्रहण पर रोक लगाने की मांग की गई। बैठक में झारखंड संयोजक धनपति सरदार, सोनाराम सोरेन, हरिचरण पुर्ति, सेलाई बानरा, सुखलाल हेमबम, दीपक प्रधान, सोमचाद सिंह सरदार, पंचा सरदार, लखिन्द्रर पुर्ति, डोली कुई, विरेंद्र पाडिया, सतरस पातर, लखन मुन्द्रईया, होपना हेम्ब्रम, मनोहर सोरेन, अजित कुमार, रामदास माडी, भीमसेन टुडू, बंसत कुमार टुडू, करण माडी, अर्जुन सोरेन, नीलमनी बास्के समेत अन्य आंदोलनकारी उपस्थित थे।
November 2, 2026 7: 59 pm
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