खरसावां के रायजामा में डीआईजी और एसपी ने ग्रामीणों से किया सीधा संवाद, अवैध अफीम खेती रोकने का दिया संदेश, पुलिस-पब्लिक मैत्री मजबूत करने पर जोर, महिला-पुरुष फुटबॉल प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों को किया सम्मानित
Kharsawan
खरसावां प्रखंड के सुदूरवर्ती एवं पहाड़ियों से घिरे रायजामा गांव में पुलिस प्रशासन की ओर से सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कोल्हान रेंज के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा और सरायकेला-खरसावां के एसपी मनोज स्वार्गियारी ने ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं, क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक चुनौतियों पर चर्चा की। अधिकारियों ने पुलिस और जनता के बीच आपसी विश्वास एवं सहयोग को मजबूत बनाने के साथ क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रखने की अपील की। विशेष रूप से अवैध अफीम की खेती पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और ग्रामीणों को इस गतिविधि से दूर रखने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने कहा कि पुलिस प्रशासन आम जनता की सुरक्षा और सहायता के लिए हमेशा तत्पर है। पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय, आपसी विश्वास और सहयोग से ही किसी भी क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा का मजबूत वातावरण तैयार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पुलिस को अपना सहयोगी समझें और क्षेत्र में होने वाली किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी पुलिस प्रशासन को दें। उन्होंने ग्रामीणों से विशेष रूप से अफीम की अवैध खेती से पूरी तरह दूर रहने की अपील की।

डीआईजी ने कहा कि अफीम की खेती केवल कानून का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह समाज, परिवार और खासकर युवा पीढ़ी के भविष्य को भी बर्बाद करती है। नशे की अवैध खेती और कारोबार से ग्रामीण क्षेत्र की सामाजिक व्यवस्था प्रभावित होती है। इसलिए इसे जड़ से समाप्त करने के लिए पुलिस के साथ-साथ ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसान यदि अवैध गतिविधियों को छोड़कर वैध कृषि कार्यों को अपनाते हैं, तो पुलिस प्रशासन उन्हें हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा।
अवैध अफीम की खेती करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई : एसपी
एसपी मनोज स्वार्गियारी ने कहा कि पुलिस-पब्लिक मैत्री संबंधों को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सामुदायिक पुलिसिंग का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि पुलिस और आम जनता के बीच भरोसे का रिश्ता कायम करना भी है। उन्होंने बताया कि कल्टीवेशन ड्राइव के तहत क्षेत्र में अफीम की अवैध खेती के खिलाफ लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

एसपी ने कहा कि अफीम की खेती गैरकानूनी होने के साथ-साथ जमीन की उर्वरता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती है। इस तरह की खेती में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई और सजा का प्रावधान है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे लालच में आकर अपने खेतों में अफीम की खेती न करें। इसके स्थान पर धान, सब्जी, दलहन, तिलहन और अन्य वैध फसलों की खेती को प्राथमिकता दें। सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वैकल्पिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
खेल के मैदान में दिखा ग्रामीण युवाओं का उत्साह, महिला-पुरुष फुटबॉल प्रतियोगिता आयोजित
सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम के दौरान खेलकूद को बढ़ावा देने और युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से महिला एवं पुरुष वर्ग की अलग-अलग फुटबॉल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसमें खरसावां और कुचाई प्रखंड की विभिन्न टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं को नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर खेलकूद एवं रचनात्मक गतिविधियों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया।
पुरुष वर्ग की प्रतियोगिता में हुडांगदा की टीम विजेता रही, जबकि जाहरागोड़ा की टीम उपविजेता बनी। वहीं महिला वर्ग में खरसावां की टीम ने विजेता का खिताब हासिल किया और कुचाई की टीम उपविजेता रही। विजेता एवं उपविजेता टीमों को शील्ड और उपहार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, आपसी भाईचारा और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का बेहतर माध्यम है।
स्कूली बच्चों के बीच शैक्षणिक सामग्री वितरित, ग्राम मुंडाओं और पंचायत प्रतिनिधियों का सम्मान
कार्यक्रम में खरसावां और कुचाई प्रखंड के सीमावर्ती गांवों से पहुंचे स्कूली बच्चों के बीच कॉपी, कलम, पेंसिल, ज्योमेट्री बॉक्स सहित अन्य शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया गया। बच्चों को खेल के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए फुटबॉल और फुटबॉल जर्सी भी प्रदान की गई। पुलिस प्रशासन की इस पहल से बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला।
इसके अलावा क्षेत्र के ग्राम मुंडाओं और पंचायत प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया। ग्रामीणों ने पारंपरिक पत्ते की टोपी पहनाकर तथा स्थानीय नृत्य और गीतों के माध्यम से डीआईजी, एसपी एवं अन्य पुलिस पदाधिकारियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। इस दौरान ग्रामीण संस्कृति और परंपरा की झलक भी देखने को मिली।
पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि पुलिस प्रशासन उनके हर सुख-दुख में साथ खड़ा रहेगा। गांवों में सड़क, शिक्षा, सुरक्षा और अन्य बुनियादी समस्याओं को लेकर ग्रामीण बेझिझक पुलिस अधिकारियों से अपनी बात रखें। पुलिस और ग्रामीणों के बीच बेहतर तालमेल से ही क्षेत्र को अपराध, नशे और अवैध गतिविधियों से मुक्त बनाने की दिशा में ठोस पहल की जा सकती है।
ये रहे मौजूद
मौके पर एसडीपीओ दुसरु बानसिंह, पुलिस निरीक्षक राजेश टुडू, खरसावां थाना प्रभारी राहुल सिंह, दलभंगा ओपी प्रभारी नरसिंह मुंडा, आमदा ओपी प्रभारी रामरेखा पासवान, कुचाई थाना प्रभारी रविंद्र मुंडा, सरायकेला थाना प्रभारी विनय कुमार, मंगल सिंह मुंडा, सोयना सरदार, उपेंद्र सरदार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और युवा उपस्थित थे।
