खरसावां के पदमपुर काली मंदिर में शरद पूर्णिमा पर
‘माटी पोका’ अनुष्ठान संपन्न, 8 नवंबर से शुरू होगी काली
पूजा मेला, कलश स्थापना व पूजा की तैयारियां शुरू,
Kharsawan
खरसावां के पदमपुर स्थित काली मंदिर में शरद पूर्णिमा के शुभ अवसर पर विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर पारंपरिक ‘माटी पोका’ अनुष्ठान संपन्न हुआ। अनुष्ठान के साथ ही आगामी काली पूजा और मेले की तैयारियों को लेकर मंदिर परिसर में धार्मिक गतिविधियां शुरू हो गई हैं। पूजा समिति के अनुसार मंगलवार से कलश स्थापना सहित अन्य तैयारियां प्रारंभ की जाएंगी। पदमपुर काली मंदिर में आयोजित अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं ने मां काली की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। धार्मिक परंपराओं के अनुसार संपन्न इस अनुष्ठान को आगामी काली पूजा की तैयारियों की महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। कार्यक्रम में मंदिर के पुजारी बिमला सारंगी और अश्वनी आचार्य सहित पूजा समिति के अध्यक्ष सुब्रत सिंहदेव, अजित सिंहदेव, चुनी मंडल, सुकरू मंडल, कलिया साहू, जन्मजय गोप, बुधु मंडल समेत अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने आगामी काली पूजा और मेले को सफल बनाने के लिए आपसी सहयोग से तैयारियां पूरी करने पर जोर दिया।
8 नवंबर से काली पूजा मेंला छह दिनों तक लगेगा
पूजा समिति के अनुसार, पदमपुर में आगामी 8 नवंबर 2026, रविवार की रात 9 बजे से काली पूजा प्रारंभ होगी। इसके अगले दिन 9 नवंबर से 14 नवंबर तक भव्य मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में उत्साह है। पूजा समिति की ओर से धार्मिक आयोजन और मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देने की योजना बनाई जा रही है। कार्यक्रम के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 14 नवंबर, शनिवार को शाम 4 बजे मां काली की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। इसके साथ ही पूजा और मेले का समापन होगा। शरद पूर्णिमा के अवसर पर संपन्न ‘माटी पोका’ अनुष्ठान के साथ पदमपुर में काली पूजा की धार्मिक गतिविधियों ने गति पकड़ ली है। अब श्रद्धालुओं को आगामी पूजा और मेले का इंतजार है।
