CSR की राशि से आंगनबाड़ी, स्कूल, स्वास्थ्य और खेल सुविधाएं होंगी मजबूत, औद्योगिक संस्थानों को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कार्य आवंटित, समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और जीविकोपार्जन को मिलेगी प्राथमिकता; रक्तदान शिविर लगाने पर भी जोर
Seraikella
सरायकेला। समाहरणालय सभागार में गुरुवार को उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में CSR समिति की बैठक हुई। बैठक में जिले में औद्योगिक संस्थानों के CSR मद से संचालित, पूर्ण और प्रगति पर चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने लंबित योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने तथा CSR की राशि का उपयोग स्थानीय जरूरतों और जनहित को ध्यान में रखते हुए करने का निर्देश दिया।

बैठक में पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की भी बिंदुवार समीक्षा की गई। विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों से कार्यवार प्रगति की जानकारी ली गई। उपायुक्त ने कहा कि CSR के तहत होने वाले कार्यों का सीधा लाभ स्थानीय समुदाय और आम लोगों को मिलना चाहिए। योजनाओं के चयन में वास्तविक जरूरत, लाभुकों की संख्या, क्षेत्र की प्राथमिकता और कार्य की दीर्घकालिक उपयोगिता को ध्यान में रखा जाए।
आंगनबाड़ी से लेकर खेल विकास तक कार्य आवंटित
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रस्तावों और क्षेत्र की आवश्यकताओं के आधार पर CSR मद से कार्य आवंटित किए गए। औद्योगिक संस्थानों को आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण, विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं और उपकरणों की उपलब्धता, शिक्षा एवं स्वास्थ्य से जुड़े कार्य, समाज कल्याण केंद्रों के लिए जरूरी सुविधाएं, खेल विकास तथा जीविकोपार्जन आधारित परियोजनाओं की जिम्मेदारी दी गई।
उपायुक्त ने संबंधित विभागों और औद्योगिक संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं को गुणवत्ता के साथ पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि CSR के तहत एक ही तरह के कार्यों की पुनरावृत्ति न हो और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग जनहित में किया जाए।
रक्तदान शिविर लगाने का निर्देश
बैठक में सभी औद्योगिक संस्थानों को अपने कार्यक्षेत्र में नियमित रूप से रक्तदान शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया गया। संस्थानों के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित कर जिले में जरूरत के समय रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहयोग करने को कहा गया।
विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं के विकास, बच्चों के लिए शैक्षणिक एवं खेल सामग्री, स्वास्थ्य संस्थानों में जनोपयोगी सुविधाओं तथा समाज कल्याण संस्थानों की जरूरतों के अनुसार सहयोग उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
कौशल विकास और रोजगारपरक योजनाओं को प्राथमिकता
उपायुक्त ने कहा कि CSR गतिविधियां केवल भवन या आधारभूत संरचना तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, महिला एवं बाल कल्याण, दिव्यांगजनों के लिए सहायक सुविधाएं, कौशल विकास और जीविकोपार्जन के अवसर बढ़ाने वाली परियोजनाओं को भी प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने CSR से स्वीकृत एवं आवंटित कार्यों की नियमित निगरानी और अनुश्रवण करने तथा कार्य पूर्ण होने के बाद उनकी उपयोगिता की भी समीक्षा करने का निर्देश दिया। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह, जिला योजना पदाधिकारी अमित कुमार श्रीवास्तव, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
