सरायकेला में मना11वां आयुर्वेद दिवस, कलाकारों ने सदर अस्पताल सरायकेला एवं बडबिल नुक्कड़ नाटक कर ‘स्वस्थ जीवन’ का दिया जाएगा संदेश, प्रकृति संरक्षण, स्वस्थ परिवार और समृद्ध समाज के साथ आयुर्वेद को जनजीवन से जोड़ने पर जोर
Seraikella
सरायकेला-खरसावां जिले में बुधवार को 11वां आयुर्वेद दिवस 2026 मनाया जा रहा है। इस अवसर पर लोक कला मंच खरसावां के कलाकारों ने जिला आयुष समिति की ओर से सदर अस्पताल सरायकेला एवं बडबिल गांव मे नुक्कड़ नाटक कर आयुर्वेद को अपनाने का संदेश दिया। साथ ही आयुर्वेद पद्धति को अपने का संदेश दिया।

इस वर्ष आयुर्वेद दिवस की थीम “बेहतर स्वास्थ्य परिणामों के लिए एकीकृत स्वास्थ्य देखभाल”, “आयुर्वेद में साक्ष्य, अनुसंधान और नवाचार” तथा “सामुदायिक कल्याण और सतत जीवन के लिए आयुर्वेद”” रखी गई है। इसके माध्यम से आयुर्वेद को आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ जोड़ते हुए बेहतर स्वास्थ्य परिणाम, शोध एवं नवाचार तथा सामुदायिक कल्याण पर जोर दिया गया है। आयुर्वेद दिवस के माध्यम से लोगों को प्रकृति से जुड़ने, रोगों से बचाव, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और परिवार के स्वास्थ्य पर ध्यान देने का संदेश दिया जा रहा है। आयोजन से जुड़े प्रचार सामग्री में स्वस्थ शरीर, शांत मन, स्वस्थ परिवार, समृद्ध समाज और स्वस्थ भारत की परिकल्पना को प्रमुखता दी गई है।

बैनर में आयुर्वेद को “स्वस्थ भारत की पहचान” बताते हुए लोगों से पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को अपनाने और स्वस्थ जीवन की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया गया है। साथ ही प्रकृति संरक्षण और टिकाऊ जीवनशैली के महत्व को भी रेखांकित किया गया है।
आयुर्वेद दिवस के आयोजन को लेकर खरसावां में लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजकों का संदेश है कि स्वस्थ जीवन के लिए केवल उपचार ही नहीं, बल्कि प्रकृति, संतुलित जीवनशैली और रोगों से बचाव को भी दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
