दो साल से फरार डकैती कांड का आरोपी बदला नाम-पता, आदित्यपुर से गिरफ्तार
Choka
चौका थाना कांड संख्या 66/24 में पिछले करीब दो वर्षों से फरार चल रहे प्राथमिकी अभियुक्त पोदो सरदार उर्फ पोदो भूमिज उर्फ लंगड़ा उर्फ पदो सरदार को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस के अनुसार आरोपी आदित्यपुर थाना क्षेत्र के शिवनारायणपुर स्थित सरना टोला में अपना और अपने पिता का नाम व पता बदलकर रह रहा था। पुलिस टीम ने छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी जानकारी के अनुसार, यह मामला पसुवा सरदार, निवासी रेयाड़दा के लिखित आवेदन पर दर्ज किया गया था। कांड में डकैती के आरोप में कुल सात नामजद अभियुक्तों समेत अन्य अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अनुसंधान के दौरान छह प्राथमिकी अभियुक्तों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। वहीं, पोदो सरदार लगातार फरार चल रहा था।
कई मामलों में रहा है आरोपी
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ चौका थाना में वर्ष 2014 में हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मामला, कांड्रा थाना में वर्ष 2015 में डकैती का मामला, खरसावां थाना में वर्ष 2012 में सीएलए एक्ट का मामला तथा चौका थाना में वर्ष 2024 में एक अन्य मामला दर्ज है। वर्तमान में वह चौका थाना कांड संख्या 66/24 में डकैती के आरोप में फरार चल रहा था।
छापेमारी में एक अन्य फरार आरोपी भी पकड़ा गया
इसी छापेमारी अभियान के दौरान पुलिस ने अड़की थाना कांड संख्या 44/2023 में करीब तीन वर्षों से फरार चल रहे अप्राथमिकी अभियुक्त गंगाधर सिंह मुंडा को भी पकड़ा। उसे अड़की थाना पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया। उसके खिलाफ अड़की थाना में वर्ष 2023 में भादवि की धारा 394 और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत मामला दर्ज है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ सरायकेला और चौका थाना में भी पूर्व से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
छह सदस्यीय पुलिस टीम ने की कार्रवाई
कार्रवाई में चौका थाना प्रभारी पुलिस अवर निरीक्षक गौरव कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक प्रकाश कुमार, सरायकेला थाना के पुलिस अवर निरीक्षक अरुण कुमार, आदित्यपुर थाना के पुलिस अवर निरीक्षक शिवशंकर सिंह, सहायक अवर निरीक्षक दिलेश्वर कुमार, सहायक अवर निरीक्षक अंजेश कुमार राय तथा चौका थाना के सशस्त्र बल शामिल थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को संबंधित मामलों में कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित थानों को सौंप दिया।
