हाईकोर्ट की 18 अगस्त की समय सीमा बीती, फिर भी अधूरा
गोविंदपुर पुल का एप्रोच रोड, 13 साल से अधूरा है निर्माण, हाईकोर्ट के
आदेश के बावजूद काम पूरा नहीं; अब 3 सितंबर की सुनवाई पर टिकी नजर
Kharsawan
सरायकेला-खरसावां मुख्य मार्ग पर गोविंदपुर के समीप संजय नदी पर बने पुल का एप्रोच रोड 13 साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। झारखंड हाईकोर्ट की ओर से निर्माण कार्य को 18 अगस्त 2026 तक हर हाल में पूरा करने की समय सीमा निर्धारित की गई थी, लेकिन समय सीमा बीतने के बाद भी एप्रोच रोड का निर्माण अधूरा पड़ा है। इससे पथ निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। बताया जाता है कि संजय नदी पर करीब आठ करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 2013 में पुल का निर्माण पूरा किया गया था। लेकिन एप्रोच रोड का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण पुल का वर्षों से अपेक्षित उपयोग नहीं हो सका। करीब 13 वर्षों से अधूरे पड़े इस निर्माण को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों में नाराजगी है।

6.42 करोड़ की लागत से बन रहा एप्रोच रोड
गोविंदपुर पुल के एप्रोच रोड निर्माण के लिए पथ निर्माण विभाग, सरायकेला-खरसावां की ओर से 6,42,91,617.25 रुपये की लागत निर्धारित की गई है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पुल और एप्रोच रोड का निर्माण लंबे समय तक अधूरा रहना क्षेत्र के लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। हाईकोर्ट ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए 18 अगस्त तक निर्माण पूरा करने का निर्देश दिया था। पूर्व आदेश के बावजूद कार्य में देरी होने पर अदालत ने नाराजगी जताई थी। निर्माण में देरी के कारणों की जांच करने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की बात भी आदेश में कही गई थी।
एप्रोच रोड पूरा होने से पहले पुल की मरम्मत की जरूरत
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस पुल से आवागमन की उम्मीद थी, वह वर्षों से एप्रोच रोड के अभाव में उपयोगी नहीं हो सका। अब स्थिति यह है कि पुल के ऊपरी हिस्से में लोहे की छड़ें दिखाई देने लगी हैं और पुल के कुछ हिस्सों में मरम्मत की जरूरत महसूस होने लगी है। लोगों का कहना है कि यदि एप्रोच रोड का निर्माण पूरा होने में अभी और समय लगता है, तो तब तक पुल की स्थिति भी चिंता का विषय बन सकती है। ऐसे में एप्रोच रोड निर्माण के साथ पुल की तकनीकी जांच और आवश्यक मरम्मत भी कराए जाने की जरूरत है।
3 सितंबर की सुनवाई पर टिकी नजर
हाईकोर्ट की निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से अब लोगों की नजर 3 सितंबर 2026 को होने वाली अगली सुनवाई पर है। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि अदालत के आदेश के बाद 18 अगस्त तक वर्षों से लंबित कार्य पूरा हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब देखना होगा कि तय समय सीमा के बावजूद निर्माण पूरा नहीं होने पर हाईकोर्ट क्या रुख अपनाता है और पथ निर्माण विभाग इस महत्वपूर्ण कार्य को कब तक पूरा कर पाता है।
