*आसंगी बस्ती से श्रद्धालुओं का जत्था दक्षिण भारत के प्रमुख तीर्थस्थलों का भ्रमण कर लौटा*
Adityapur
आदित्यपुर, संवाददाता। सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर स्थित आसंगी बस्ती से दक्षिण भारत के प्रमुख तीर्थ एवं पर्यटन स्थलों के भ्रमण पर गया श्रद्धालुओं का जत्था सकुशल वापस लौट आया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के प्रसिद्ध धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया तथा परिवार, समाज और देश की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की।
यात्रा की शुरुआत केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम स्थित विश्वविख्यात श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर से हुई। यहां श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद जत्था तमिलनाडु के पवित्र रामेश्वरम धाम पहुंचा, जहां श्रद्धालुओं ने भगवान श्री रामनाथस्वामी के दर्शन किए तथा मंदिर परिसर स्थित 22 पवित्र तीर्थकुंडों में स्नान कर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किया। श्रद्धालुओं ने मंदिर की भव्य द्रविड़ वास्तुकला और विश्वप्रसिद्ध विशाल गलियारों का भी अवलोकन किया।

यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने मदुराई स्थित मीनाक्षी अम्मन मंदिर, पलमुदिरचोलै, तिरुप्परंकुंड्रम मुरुगन मंदिर, महेश्वरम शिव-पार्वती मंदिर, आझीमाला शिव मंदिर, कोठंडरामस्वामी मंदिर, आदियोगी शिव प्रतिमा, लालबाग बोटैनिकल गार्डन, टीपू सुल्तान समर पैलेस, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम संग्रहालय, गांधी संग्रहालय, नंदी हिल्स, तिरुमलाई नायक महल, धनुषकोड़ी, पंबन ब्रिज, विल्लोंडी तीर्थ तथा पुवार बोटिंग सहित कई प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया।
यात्रा में शामिल जिले के युवा सामाजिक कार्यकर्ता हेमसागर प्रधान ने बताया कि दक्षिण भारत का मनमोहक प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहरें तथा समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत उन्हें विशेष रूप से प्रभावित कर गई। उन्होंने कहा कि यह तीर्थयात्रा आध्यात्मिक शांति, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक अनुभवों से परिपूर्ण रही। ऐसी यात्राएं धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ देश की सांस्कृतिक विविधता, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय एकता को समझने का भी अवसर प्रदान करती हैं।
इस यात्रा में सपन प्रधान, गोपाल प्रधान, रमेश प्रधान, हेमसागर प्रधान सहित उनके परिवार के सदस्य शामिल थे।
