स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक सम्पन्न, स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु संबंधित पदाधिकारियों को दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश…*,
Seraikella
*एमटीसी केंद्रों में कुपोषित बच्चों के उपचार के साथ बच्चों हेतु पर्याप्त खिलौनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश…*
*सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं का आमजन को सुगमता से लाभ मिले, यह सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है — उपायुक्त, सरायकेला-खरसावाँ*
समाहरणालय सभागार में उपायुक्त–सह–जिला दंडाधिकारी श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह, डीआरसीएचओ, सभी एमओआईसी, डीपीएम, बीपीएम सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

समीक्षा के दौरान एएनसी (ANC 1–4), संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, लाइव बर्थ रिपोर्टिंग, परिवार नियोजन, कम जन्म-वजन शिशुओं की देखरेख, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर, एमटीसी सेवाएं, मलेरिया, फाइलेरिया, टीबी एवं कुष्ठ रोग नियंत्रण कार्यक्रम, अंधत्व निवारण कार्यक्रम, आयुष्मान भारत एवं मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य बीमा योजना, आयुष्मान कार्ड निर्माण तथा एनीमिया नियंत्रण कार्यक्रम सहित विभिन्न जनस्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि आयुष्मान भारत एवं मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों का अधिकतम आच्छादन सुनिश्चित किया जाए तथा योजनाओं की जानकारी आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचाई जाए। कम जन्म-वजन शिशुओं की संख्या में कमी लाने हेतु स्थानीय भाषा में जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने तथा लाभ एवं उपचार प्रक्रिया की जानकारी देने पर बल दिया गया।
उन्होंने एमटीसी केंद्रों में बेड ऑक्यूपेंसी का रोस्टर तैयार कर उसका अनुपालन सुनिश्चित करने, कुपोषित बच्चों की समुचित देखभाल एवं उपचार सुनिश्चित करने तथा बच्चों के अनुकूल वातावरण बनाने हेतु पर्याप्त मात्रा में खिलौनों एवं आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
साथ ही मलेरिया, फाइलेरिया, टीबी एवं कुष्ठ रोग की पहचान हेतु नियमित जांच शिविर आयोजित करने, चिन्हित मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने तथा ग्राम स्तर पर विशेष शिविरों के माध्यम से छूटे हुए पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान एवं मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य बीमा कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए।
कृमि मुक्ति अभियान के प्रभावी संचालन पर बल देते हुए उपायुक्त ने सभी बच्चों को निर्धारित खुराक देने, संक्रमण से संबंधित लक्षणों की जानकारी देने तथा व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को दवा नहीं देने तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए विशेष टीम को सक्रिय रखने की बात कही गई।
पंचायतों मे विशेष नेत्र जांच शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग एवं उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त सभी स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे एवं अन्य उपकरणों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की समय पर उपस्थिति तथा बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
उपायुक्त ने रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया तेज करने, एंबुलेंस सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित रखने तथा मरीजों को समय पर सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही परिवार नियोजन कार्यक्रम को प्रभावी बनाने हेतु जन-जागरूकता बढ़ाने एवं प्रावधानों के तहत लाभ प्रदान करने पर जोर दिया।
अंत में उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे समयबद्ध, उत्तरदायित्वपूर्ण एवं समन्वित तरीके से कार्य निष्पादन सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
