*उपायुक्त की उपस्थिति में जिला स्तरीय कमेटी ने सीएचसी राजनगर में पहुंचकर की जांच-पड़ताल, उपलब्ध सुविधाओं, उपकरणों एवं लापरवाही के स्तर की हुई जांच…*
Rajnagar
सरायकेला-खरसावाँ जिला अंतर्गत सीएचसी राजनगर में जच्चा एवं नवजात शिशु की मृत्यु से संबंधित घटना पर उपायुक्त श्री नीतिश कुमार सिंह ने स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर पर गंभीरता से संज्ञान लिया है।

उक्त प्रकरण की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच हेतु जिला स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। गठित कमेटी में श्री अभिनव प्रकाश, अनुमंडल पदाधिकारी, सरायकेला; डॉ. सरयू प्रसाद सिंह, सिविल सर्जन, सरायकेला-खरसावाँ; तथा डॉ. प्रीति मांझी, स्त्री रोग विशेषज्ञ, सदर अस्पताल, सरायकेला शामिल हैं।कमेटी को जच्चा-बच्चा की मृत्यु के कारणों का निर्धारण करने तथा किसी भी स्तर पर हुई लापरवाही की जांच कर जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

आज गठित कमेटी द्वारा उपायुक्त श्री नीतिश कुमार सिंह की उपस्थिति में सीएचसी राजनगर पहुंचकर मामले की जांच-पड़ताल की गई। इस दौरान उपायुक्त द्वारा अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं, चिकित्सा उपकरणों एवं संसाधनों का अवलोकन किया गया। साथ ही जनरेटर, सोलर लाइट, इनवर्टर सहित विद्युत वैकल्पिक व्यवस्थाओं तथा अन्य स्वास्थ्य उपकरणों की उपलब्धता एवं कार्यस्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी ली गई।
जांच के क्रम में जच्चा एवं नवजात शिशु की मृत्यु के संबंध में विस्तृत पूछताछ की गई। उपस्थित चिकित्सकों एवं नर्सिंग कर्मियों द्वारा अवगत कराया गया कि प्रसूता की मृत्यु अत्यधिक रक्तचाप में गिरावट एवं अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हुई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उस समय आवश्यक चिकित्सीय उपचार एवं औषधि प्रदान कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया, तथापि अपेक्षित सुधार नहीं हो सका, जिसके परिणामस्वरूप प्रसूता एवं नवजात शिशु की मृत्यु हो गई।
इस क्रम में उपायुक्त द्वारा उपस्थित चिकित्सक, नर्स, एएनएम सहित अन्य कर्मियों से गंभीरता पूर्वक पूछताछ की गई। ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की उपस्थिति, उस समय की जिम्मेदारियां, प्रसव के दौरान की परिस्थितियां तथा उपलब्ध संसाधनों के उपयोग के संबंध में भी विस्तार से जानकारी ली गई। विशेष रूप से यह भी पूछा गया कि विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में मोबाइल टॉर्च के सहारे प्रसव क्यों कराया गया तथा वैकल्पिक व्यवस्था समय पर क्यों सुनिश्चित नहीं की गई।
उपायुक्त द्वारा कमेटी को सीसीटीवी फुटेज की जांच करने तथा सभी तथ्यों का गहन परीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही कमेटी को निर्देशित किया गया है कि वह निष्पक्ष जांच रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को उपलब्ध कराए तथा दोषी पाए जाने वाले चिकित्सक एवं कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु अनुशंसा करे।
उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्वास्थ्य व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषी पाए जाने वाले संबंधित चिकित्सकीय पदाधिकारियों एवं कर्मियों पर निश्चित रूप से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं पर सतत एवं कड़ी निगरानी रखे हुए है और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कार्रवाई अवश्य की जाएगी।
मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी राजनगर, अंचल अधिकारी राजनगर, MOIC राजनगर समेत अन्य चिकित्सा पदाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।
