खरसावां में सादगी से मनी संस्थापन मधुसूदन दास की 179 वी जयंती, ओड़िया भाषा-साहित्य व संस्कृति को जन-जन पहुचाकर दे सच्ची श्रद्वाजंलि-सुशील षांडगी
Kharsawan
खरसावां में मंगलवार को उत्कल सम्मलिनी के द्वारा उत्कल गौरव स्वं मधुसूदन दास की 179 वी जयंती सादगी से मनाई गई। इस दौरान उत्कल गौरव मधुसूदन दास के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्वाजंलि दी गई। वही ओडिया भाषा-साहित्य और संस्कृति को जन जन पहुचाने का संक्लप लिया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उत्कल सम्मलिनी सरायकेला खरसावां के जिला परिदर्शक सुशील षांडगी ने कहा कि ओडिया भाषा-साहित्य का विकास ही हमारा लक्ष्य है। विकास के प्रति उत्कल सम्मलिनी गंभीर है। इसके लिए ओडिया भाषा-साहित्य को जन-जन पहुचाकर एवं महापुरूष मधुसूदन दास के द्वारा उत्कल सम्मलिनी की स्थापना के उदेश्य को पुरा कर सच्ची श्रद्वाजंलि दे। ओंडिया भाषा-साहित्य के विकास के लिए अपनी सहभागिता दे। उन्होने कहा कि अपनी भाषा साहित्य संस्कृति की और अधिक सशक्त बनाने के लिये आगे आना होगा। उन्होंने उत्कल गौरव मधुसूदन दास द्वारा भाषा साहित्य संस्कृति की उत्थान के लिए किये गये कार्यों को हमेशा याद किया जाएगा। उत्कल सम्मेलनी के जिलाध्यक्ष सुमन चंद्र मोहंती ने कहा कि महापुरूष का जन्म 28 अप्रेल 1848 को ओडिसा के कटक जिले के अन्तर्गत ग्राम सत्यभामापुर में हुआ था। उनके प्रयास से उत्कल सम्मलिनी का गठन 1903 में हुई। साथ ही सम्मलिनी के प्रयास से ही उडिसा प्रांत का गठन 1 अप्रेल 1936 को हुआ। वही 4 फरवरी 1934 को उनका निधन हुआ। उनका सारा जीवन भाषा-साहित्य व संस्कृति के उत्थान में महत्वपुर्ण भुमिका निभाई।
गरीबों के मसीहा थे पंडित गोपबंधु-अजय प्रधान
सरायकेला खरसावां उत्कल सम्मलिनी के जिला सचिव अजय प्रधान ने कहा कि स्वाधीनता संग्रामी गोपबधुं दास ने कोल्हान में सैकड़ों विद्यालय खोले थे। वे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लाला लाजपत राय के सहयोगी थे। वे गरीब दुखियों के मसीहा थे। उन्होंने हजारीबाग के केन्द्रीय कारावास में रह कर बोन्दि रो आत्मकथा और कारा कविता आदि पुस्तकें लिखी। उन्होने कहा कि पंडित गोपबंधु दास उड़िसा के एक सामाजिक कार्यकर्ता, स्वतंत्रतता संग्राम सेनानी एवं साहित्यकार थे। उन्हें उत्कलमणि के नाम से जाना जाता है। वे ओड़िया साहित्य को पहचान दिलाने में अपना बहुमूल्य योगदान दिया।
ये थै मौजूद
उत्कल सम्मलिनी के जिला परिदर्शक सुशील षाड़ंगी, जिला अध्यक्ष सुमंत चंद्र मोहंती, सचिव अजय प्रधान, चंद्रभानु प्रधान, भारत चंद्र मिश्रा, सविता विषेय, रेणु महाराणा, सपना टोप्पो,जयजीत षाड़ंगी, कुंती मंडल, कनिता दे आदि मौजूद थे।
