कुचाई मे स्वयं सहायता समूह के महिलाओं की बैठक मे वनाश्रितो को वनोपजों का न्यूनतम मूल्य और बिक्री हेतु बाजार व्यवस्था पर बल, वनोपजों का ससमय पर सही लाभ लेने हेतु दीदी आगे आए-सोहन
Kuchai झारखण्ड राज्य लाईवलीवूड प्रोमोशन कार्यालय कुचाई मे जेएसएलपीएस के गांव संगठकों के दीदीयो की एक बैठक पार्वती गागराई की अध्यक्षता में की गई। इस बैठक में सामुदायिक वन पालन संस्थान का भी संयुक्त कार्यक्रम चलाया गया। कार्यक्रम में प्रशिक्षक की भूमिका निभाते हुए कुन्दन गुप्ता, सोहन लाल कुम्हार तथा भरत सिंह मुंडा ने वनाश्रितो को वनोपजों का न्यूनतम मूल्य और उत्पादित उत्पादों को बिक्री करने हेतु बाजार व्यवस्था करने पर बल दिया । श्री गुप्ता ने कहा कि वन क्षेत्रों में महुआ, डोरी, ईमली कफी मात्रा मे मिलती है।लेकिन बाजार का व्यवस्था न होने के कारण यहाँ के वनाश्रितों को वनोपजों का वास्तविक लाभ मिल नहीं पा रहा है। यदि क्लास्टर वाईज वनोपजों का संग्रहण किया जाये तो सामुदायिक वन पालन संस्थान बाजारों का व्यवस्था कर सकती है। ईमली का बाजार भी उपलब्ध है। जहाँ पर बिक्रय कर आय में बृद्धि किया जा सकता है। सिमडेगा जिला में कई महिला समुहो को लाभ दिलाया जा चुका है। वही श्री कुम्हार ने कहा कि जंगलों की घनत्व मे बृद्धि हो रही है तथा चिरौंजी और तेन्दू पत्तो की मात्रा भी बड़ने लगी है। एसी स्थिति में वनोपजों से सही समय पर सही लाभ लेने के लिए सभी दीदीयों को आगे आना होगा। जबकि श्री मुंडा ने कहा कि वन भूमि क्षेत्रों मे झाड़ू वनाने वाले घांस काफी मात्रा मे मिलती है। जिससे बनाकर आय प्राप्त किया जा सकता है। वही सुखराम मुण्डा ने कहा कि जंगल हमें शुद्ध हवा और भोजन देता है। हवा बिना क्षणभर भी रहना मुश्किल है। अत: जंगल मे आग न लगाया जाये नाशा पर सुधार लाया जाये। मनोज मुदुईया ने कहा कि हम वनाश्रितों का जंगल के साथ अन्यन्यश्रय सम्बन्ध है। अत: जंगल का संरक्षण तथा प्रबंधकन करना अत्यावश्यक है। मानकी मुंडा ने कहा कि हमें वनोपजों का संग्रहण कर उपयुक्त बाजारों मे बिक्रय करना चाहिए ताकि सही दाम मिले। अन्त मे बर्ष 2025 में महुआ, ईमली तथा साल बीजा का संग्रहण कर उपयुक्त बाजारों मे बिक्रय करने का निर्णय हुआ। कार्यक्रम में गीता बानरा, बबीता महतो, अनिता सोय, गुरुवारी भूमिज, राधा भूमिज, कुलोवती भूमिज, रानीमाई सोय, सीता सोय, रेशमा महतो, बिनीता गुन्दुवा, ललीता कुमारी, डुली हेम्ब्रम, सपना सोय, शुक्रमनी बानरा, सापानी बानरा, गायत्री पातर, सुनिता सामाड, यशवन्ती उरांव, दशना हेम्ब्रम आदि उपस्थित थे।
October 22, 2026 8: 15 am
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