खूंटपानी के लोहरदा में ग्रामीण शिक्षा सहायता केंद्र शुरू, गरीब बच्चों को मिलेगी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद,
Khutpani
खूंटपानी प्रखंड अंतर्गत लोहरदा गांव में ग्रामीण बच्चों को बेहतर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्रामीण शिक्षा सहायता केंद्र की शुरुआत की गई। झारखंड जनशक्ति मंच और रूरल इंडिया सोशल वेलफेयर एंड एजुकेशन ट्रस्ट, चाईबासा की संयुक्त पहल पर शुरू हुए इस केंद्र का उद्घाटन मंच के केंद्रीय अध्यक्ष सह संस्थापक बिरसा सोय और ट्रस्ट के संस्थापक अनु बुडीउली ने ग्रामीणों एवं अभिभावकों की उपस्थिति में किया।
इस केंद्र के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को नवोदय विद्यालय, नेतरहाट आवासीय विद्यालय और सैनिक स्कूल जैसी प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थाओं की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए शैक्षणिक मार्गदर्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। संस्थाओं की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर उपलब्ध कराना है।
गरीबी के कारण शिक्षा से वंचित न रहें बच्चे-बिरसा सोय
झारखंड जनशक्ति मंच की केंद्रीय अध्यक्ष बिरसा सोय ने कहा कि शिक्षा समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली बच्चों की कमी नहीं है, लेकिन आर्थिक तंगी और उचित मार्गदर्शन के अभाव में कई बच्चे अपनी प्रतिभा को निखार नहीं पाते। उन्होंने कहा कि गांव के बच्चों को भी शहरों के बच्चों की तरह बेहतर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने ग्रामीणों और अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता देने तथा उन्हें नियमित अध्ययन के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की। कहा कि शिक्षक, अभिभावक, समाज और सामाजिक संस्थाओं के सामूहिक प्रयास से ही बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाया जा सकता है।
आर्थिक कमजोरी सपनों में बाधा नहीं बने-अनु बुडीउली
ट्रस्ट के संस्थापक अनु बुडीउली ने कहा कि जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण
शिक्षा उपलब्ध कराने में सहयोग देना सामाजिक जिम्मेदारी है। आर्थिक परेशानियों के कारण किसी बच्चे का भविष्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। सही मार्गदर्शन, नियमित अभ्यास और पढ़ाई के अनुकूल माहौल मिलने पर ग्रामीण बच्चे भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण शिक्षा सहायता केंद्र के जरिए बच्चों को प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई में रुचि लेने और उनकी शैक्षणिक समस्याओं को समझकर सहयोग करने की अपील की।
ग्रामीण शिक्षा को मजबूत करने की पहल
दोनों संस्थाओं की इस संयुक्त पहल से लोहरदा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसरों से जोड़ने की उम्मीद है। केंद्र के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने, प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति जागरूकता विकसित करने और उनके भविष्य को नई दिशा देने का प्रयास किया जाएगा।
इस अवसर पर अभय सिंह जामुदा, गुलाब सिंह सोय, रामलाल बारला, रोहित जामुदा, लोदो जामुदा, प्रदीप बारला, कुशनू जामुदा, तुराम सिंह जामुदा, जीवन जामुदा, प्रकाश जामुदा, जयंती जामुदा, रानी सावैया, जानकी सावैया, शुरू सावैया, सोनमुनि सावैया, जासमति सावैया, साधु चरण जामुदा, बुधनी जामुदा, चांदमनी जामुदा, नामसी सावैया, शकुंतला जामुदा, कुंवर सिंह जामुदा, रमाय जामुदा, गुरुवा सावैया, देवेंद्र सावैया, सुशीला गोप, प्रधान सावैया, घनश्याम जामुदा, डिबरु जामुदा, सोनाली जामुदा सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
