खरसावां के आमदा में सावन महोत्सव में झूमीं महिलाएं, नृत्य-संगीत और खेलों का उठाया लुत्फ, कहा- ‘महिलाएं हैं सनातन संस्कृति की मजबूत वाहक’
Kharsawan
खरसावां : प्रखंड के आमदा में महिलाओं ने सावन महोत्सव को उत्साह और उमंग के साथ मनाया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने सामूहिक रूप से नृत्य-संगीत का आनंद लिया और सावन के गीतों पर जमकर झूमीं। इस दौरान कई महिलाओं ने सोलो परफॉर्मेंस प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। महोत्सव में मनोरंजन के लिए विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। बैलेंस ऑफ बैलून और म्यूजिकल चेयर जैसे खेलों में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और खूब मस्ती की। खेलों के दौरान महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।

सावन महोत्सव महिलाओं के लिए रोजमर्रा की गृहस्थी और पारिवारिक जिम्मेदारियों से कुछ समय के लिए अलग होकर आपस में खुशियां बांटने और मनोरंजन करने का अवसर बना। महिलाओं ने कहा कि सावन जिस तरह चारों ओर हरियाली और खुशहाली का संदेश लेकर आता है, उसी तरह ऐसे आयोजनों से उनके मन में भी नई ऊर्जा और उमंग का संचार होता है। महिलाओ ने कहा कि सावन का पवित्र महीना केवल उत्सव और उमंग का नहीं है, बल्कि यह भगवान शिव की आराधना, आत्मिक शांति और हमारी महान भारतीय सनातन परंपराओं से गहराई से जुड़ने का एक स्वर्णिम अवसर है। महिलाओ ने कहा कि शिव और माता पार्वती का पवित्र संबंध हमें प्रेम, पूर्ण समर्पण, विश्वास और पारिवारिक एकता का शाश्वत संदेश देता है। महिलाएं हमारी संस्कृति और परंपराओं की सबसे मजबूत वाहक हैं। तीज जैसे पर्व महिलाओं की अगाध आस्था, उनके त्याग और पारिवारिक मंगलकामना की भावना को अभिव्यक्त करते हैं। ऐसे धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों से न सिर्फ हमारी नई पीढ़ी अपनी जड़ों और संस्कारों से जुड़ती है, बल्कि समाज में भाईचारा, सद्भाव और आपसी प्रेम भी मजबूत होता है। कार्यक्रम में रीना केशरी, कुसुम अग्रवाल, पुनम केशरी, आरती केशरी, मुआ दे, रेखा केशरी, ज्योति केशरी, रेनू केशरी आदि महिलाओं का विशेष योगदान रहा। उनके प्रयासों से सावन महोत्सव को यादगार बनाने में सभी महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। आयोजन ने महिलाओं के बीच आपसी मेल-जोल, भाईचारे और सांस्कृतिक उत्साह को भी मजबूत किया।
