झारखंड आंदोलनकारियों का अनिश्चितकालीन धरना 10वें दिन भी जारी, प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप
Kharsawan
सरायकेला-खरसावां जिले के झारखंड आंदोलनकारियों का विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को दसवें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि अब तक जिला प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस पहल या आश्वासन नहीं दिया गया है। धरना पर बैठे आंदोलनकारी घनपति सरदार ने कहा कि जब तक राज्य सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर उचित निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन आंदोलनकारियों की समस्याएं सुनने तक नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि प्रशासन आंदोलनकारियों की बात नहीं सुन रहा है, तो आम जनता की समस्याओं का समाधान कैसे करेगा। घनपति सरदार ने कहा कि झारखंड राज्य के निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले आंदोलनकारियों को आज अपनी सम्मान राशि और अन्य मांगों के लिए धरना देना पड़ रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन कुछ आंदोलनकारियों के खातों में सम्मान राशि भेजकर आंदोलन को कमजोर करने और आंदोलनकारियों की एकता तोड़ने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
आंदोलनकारियों ने यह भी कहा कि राज्य सरकार के दो वर्ष पूरे होने के बावजूद अब तक बीस सूत्री कार्यान्वयन समिति का गठन नहीं किया गया है। उनका आरोप है कि समिति का गठन नहीं होने से जिला से लेकर पंचायत स्तर तक प्रशासनिक जवाबदेही प्रभावित हो रही है।
धरना में शीला हाईबुरू, अल्पना बेसरा, चोमानी कुई, बिजली मांझीयान, मालती टुडू, श्यामली मांझीयान, बेवला सरदार, बाचा सरदार, योगेश्वर बेसरा, लखिन्द्र पुरती, हरिचरण पाड़ेया, सुखलाल हेम्ब्रम, बिरेन्द्र पाड़ेया, भगत बेसरा, एम.पी. सिंह सरदार, लखीन्द्र मुन्दुईया, राजेश मुन्दरी सहित अन्य झारखंड आंदोलनकारी मौजूद रहे।
