साप्ताहिक जनता दरबार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों से क्रमवार मिले उपायुक्त, प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध निराकरण हेतु संबंधित पदाधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश…*
Seraikella
सरायकेला-खरसावाँ, 07 जुलाई, 2026 : उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जन शिकायत निवारण कार्यक्रम के तहत साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं शहरी क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याओं, मांगों एवं शिकायतों से संबंधित आवेदन उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने प्राप्त आवेदनों की क्रमवार समीक्षा करते हुए फरियादियों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई हेतु विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। कई मामलों में त्वरित संज्ञान लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, जबकि अन्य मामलों को नियमानुसार निष्पादन हेतु संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया।
जनता दरबार में मुख्य रूप से मत्स्यजीवी समिति द्वारा तालाब बंदोबस्ती में राजस्व दर में की गई वृद्धि पर पुनर्विचार करने, कुचाई प्रखंड अंतर्गत बेरासीसीरूम गांव में विद्युत तारों की मरम्मत कराने, खरसावाँ स्थित शहीद पार्क के रखरखाव हेतु कार्ययोजना तैयार कर सामान्य दिनों में भी आमजन के लिए पार्क को खुला रखने, शहीद चौक एवं शहीद पार्क में संचालित जीर्णोद्धार कार्य में तेजी लाने, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, ईचागढ़ में छात्रा का नामांकन कराने, झारखंड मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना का लाभ विगत पाँच माह से बाधित रहने, आदित्यपुर क्षेत्र में रैयती भूमि के रास्ते को जबरन अवरुद्ध किए जाने, तमोलिया–कपाली मुख्य मार्ग पर बहने वाले दूषित जल की निकासी हेतु सार्वजनिक नाली निर्माण कराने, भूमि विवाद, पेयजल, विद्युत, राशन तथा अन्य विभिन्न जनसमस्याओं से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए।
इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों से संबंधित अन्य जनसमस्याओं एवं लोकहित के मामलों पर भी आवेदन प्रस्तुत किए गए।
उपायुक्त ने कहा कि साप्ताहिक जनता दरबार आम नागरिकों एवं जिला प्रशासन के बीच संवाद का एक प्रभावी माध्यम है, जिसके माध्यम से लोगों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाता है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त सभी आवेदनों का नियमानुसार परीक्षण करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें तथा गंभीर प्रकृति के मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन किया जाए।
