श्री जगन्नाथ सेवा समिति की बैठक में प्राचीन जगन्नाथ श्री मंदिर के उत्थान पर की गई चर्चा; महाप्रभु को धारण कराया गया ऊनी वस्त्र,
Seraikella
सरायकेला। जीवंत देव के रूप में पूजे जाने वाले महाप्रभु श्री जगन्नाथ की पूजा आराधना भी जीवंत रही है। जगन्नाथ संस्कृति के पोषक सरायकेला में सारे अनुष्ठानों का विधि विधान के साथ अनुपालन किया जाता रहा है। इसी के तहत रविवार को शीत ऋतु के आगमन को देखते हुए श्री जगन्नाथ सेवा समिति के तत्वावधान महाप्रभु श्री जगन्नाथ, बहन सुभद्रा, एवं बड़े भाई बलभद्र को ऊनी वस्त्र धारण कराया गया। प्राचीन जगन्नाथ श्री मंदिर के पुजारी सह सेवक पंडित ब्रह्मानंद महापात्र ने विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ऊनी वस्त्र धारण अनुष्ठान संपन्न कराया।
इससे पूर्व श्री जगन्नाथ सेवा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक अध्यक्ष राजा सिंहदेव की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिसमें श्री मंदिर अंतर्गत विकास के कार्यों पर चर्चा करते हुए जगन्नाथ भवन की चाहरदिवारी के निर्माण के लिए प्रस्ताव रखा गया। साथ ही माता लक्ष्मी के मंदिर में भी ग्रिल कार्य कराए जाने का प्रस्ताव रखा गया। इस अवसर पर दान पेटी को भी समिति के समक्ष खोला गया। बैठक में बादल दुबे, पंडित ब्रह्मानंद महापात्र, राजेश मिश्रा, शंकर सतपथी, गणेश सतपथी, चिरंजीवी महापात्र एवं सुमित महापात्र सहित अन्य सभी मौजूद रहे।
