कुचाई मे पारंपरिक रीति-रिवाज से सीएनटी एक्ट की 117 वीं मनाई स्थापना दिवस, सीएनटी एक्ट झारखंडियों का धर्मग्रंथ है-मान सिंह मुंडा,
खरसावां
कुचाई के दलभंगा मे बकास्त मुंडारी खुतकट्टी रक्षा एवं विकास समिति 39 मौजा दलभंगा के द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाज से छोटानागपुर कास्तकारी अधिनियम 1908 का 117वां स्थापना दिवस मनाया गया l मुंडा मानकियो ने पारंपरिक तरीके से पूजा अर्चना की गई। मौके पर बकास्त मुंडारी खुतकट्टी रक्षा एवं विकास समिति 39 मौजा दलभंगा के अध्यक्ष मान सिंह मुंडा ने कहा कि सीएनटी एक्ट झारखंडियों का धर्मग्रंथ है। सीएनटी एक्ट में सिर्फ आदिवासी ही नहीं, बल्कि यहां के दलित और पिछड़ी जाति के अधिकार सन्निहित हैं। जमीन और जंगल आधारित हमारा जीवन सीएनटी एक्ट के कारण ही सुरक्षित और संरक्षित है। जिस दिन यह कानून कमजोर होगा हमारा अस्तित्व ही मिट जाएगा। उन्होंने कहा कि हमें जल, जमीन और जंगल आधारित अपना जीवन बचाना है तो सीएनटी एक्ट को बचाना होगा। इसके लिए हम सब लोगों को एक साथ मिलकर प्रयास करना होगा। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष मान सिंह मुंडा, सचिव लखिराम मुंडा, रबिन्द्र मुंडा, सुनील मुंडा, गुरुवा मुंडा, इंद्रजीत मुंडा,भुवनेश्वर मुंडा, धर्मेंद्र कुमार मुंडा, रामचंद्र मुंडा, शिव शंकर सिंह मुंडा, पागु मुंडा एवं पाहन (पुजारी) के रूप में जोगेंद्र मुंडा व लखिराम मुंडा आदि उपस्थित थे।
March 10, 2026 4: 47 am
Breaking
- सरायकेला में नुक्कड़ नाटक कर जन-जन को आयुष अपनाने हेतु किया प्रेरित, क्रॉनिक बीमारियों को जड़ से मिटाने की जो शक्ति आयुर्वेद में है वह किसी अन्य चिकित्सा पद्धति में नहीं- डॉ पूनम कुमारी
- खरसावां में मां बसंती पूजा की तैयारी को लेकर बैठक, 23 मार्च से शुरू होगा चार दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान, विजया दशमी पर ब्राह्मण बच्चों के लिए होगा सामूहिक व्रत उपनयन संस्कार,
- झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) बोर्ड की नवीं कक्षा के हिंदी प्रश्न पत्र के लगभग 33 प्रतिशत प्रश्न आउट ऑफ सिलेबस
- खूंटपानी में कोल्हान रक्षा संघ का महासम्मेलन, हो भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग, हक और अधिकारों की रक्षा के लिए सजगता जरूरी-डिंबार जोको,
- महिला दिवस पर नगर पंचायत अध्यक्ष ने विधायक सविता महतो से की शिष्टाचार मुलाकात
- खरसावां के आन्नदडीहु, जोजोडीह, दलाईकेला व कस्तृरबॉ में नुक्कड नाटक के तहत आयुष पद्धति अपनाने के लिए दिलाई शपथ, बताया आयुष पद्धति न केवल रोगों के उपचार में है सहायक,
- कुचाई के जिलिंगदा में सरहुल पर्व की तैयारी को लेकर बैठक, 21 मार्च को मनाया जायेगा सरहुल, सरहुल केवल एक पर्व नहीं बल्कि प्रकृति, संस्कृति और समाज के आपसी संबंधों का प्रतीक है
- खूंटपानी में वृहद झारखण्ड मोर्चा का वार्षिक महाधिवेशन संर्पन्न, झारखंडियों के अधिकारों की लड़ाई तेज करने का संकल्प, जनता कई वर्षों से तलाश रहे राजनीतिक विकल्प-बिरसा सोय
