डिस्लेक्सिया के प्रति जागरूकता को लेकर मौन पदयात्रा।
Seraikella
सरायकेला: कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, सरायकेला में Walk4Dyslexia कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर से मुख्य पथ तक एक मौन पदयात्रा निकाली गई, जिसका उद्देश्य समाज में डिस्लेक्सिया के प्रति जागरूकता फैलाना था। जागरूकता कार्यक्रम में विद्यालय की छात्राओं, शिक्षकों तथा अन्य कर्मियों ने लाल वस्त्र धारण कर अपने हाथों में बैनर पोस्टर के साथ शांतिपूर्वक और अनुशासित ढंग से पदयात्रा करते हुए यह संदेश दिया कि सीखने की कठिनाइयों से जूझ रहे बच्चों को समझने, सहयोग देने और उन्हें उचित अवसर प्रदान करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी दिनेश दंडपात ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डिस्लेक्सिया कोई कमजोरी नहीं, बल्कि एक विशेष प्रकार की सीखने की शैली है। हमें ऐसे बच्चों को प्रोत्साहित करना चाहिए और उनके लिए सहानुभूतिपूर्ण वातावरण तैयार करना चाहिए। प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी संतोना जेना ने कहा कि डिस्लेक्सिया एक अदृश्य न्यूरोलॉजिकल दिव्यांगता है। हर पांच में से एक व्यक्ति इससे प्रभावित है। अक्टूबर महीने को विश्व स्तर पर डिस्लेक्सिया जागरुकता माह के रूप में मनाया जाता है।
समापन पर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के वार्डन अंजु अलडा द्वारा सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापनकर समाज में समान शिक्षा और समझ के संदेश को आगे बढ़ाने की अपील की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विशेष शिक्षक नरेंद्र प्रसाद सिंह एवं फिजियोथैरेपिस्ट पिंकी चाकी का अहम योगदान रहा।
