*उपायुक्त ने किया जिला पोषण समिति की बैठक संपन्न — कुपोषण मुक्त झारखंड के निर्माण हेतु विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश,
Seraikella
सरायकेला खरसावां जिला उपायुक् नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई।
बैठक में उप विकास आयुक्त सुश्री रीना हांसदा, सिविल सर्जन, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, आयुष चिकित्सा पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता (पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल), जिला कार्यक्रम प्रबंधक (JSLPS) एवं अन्य समिति सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक में पोषण माह 2025 के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों एवं गतिविधियों की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि पोषण एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, जिसे केवल एक माह तक सीमित न रखकर पूरे वर्ष समुदाय आधारित प्रयासों के माध्यम से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि कुपोषण मुक्त झारखंड के निर्माण में सभी की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

उपायुक्त ने कहा कि “पोषण भी, पढ़ाई भी” — इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में सेवाएं नियमित एवं सुचारू रूप से संचालित हों, जिससे बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा दोनों का संतुलित विकास संभव हो सके।
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से महिलाओं, बच्चों एवं परिवार के पुरुष सदस्यों को भी पोषण संबंधी जानकारी देकर जागरूक किया जाए।
लोगों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के सेवन, चीनी एवं नमक के सीमित उपयोग, तथा दैनिक भोजन में स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों के समावेश के संबंध में जानकारी दी जाए।
उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास न केवल कुपोषण को कम करेंगे, बल्कि जीवनशैली जनित बीमारियों के प्रभाव को भी घटाएंगे।
उपायुक्त ने कहा कि पोषण माह 2025 के दौरान निर्धारित प्रमुख विषयों जैसे —
मोटापा कम करना (शर्करा एवं तेल का सीमित उपयोग), प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा, वृद्धि निगरानी, शिशु एवं छोटे बच्चों के भोजन के तरीके (IYCF), अभिसरण कार्यवाही एवं डिजिटलीकरण, पुरुष भागीदारी को प्रोत्साहन तथा स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उपयोग को बढ़ावा — पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में लाभुकों का 100 प्रतिशत आधार सत्यापन, FRS एवं e-KYC का कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए।
प्रत्येक CDPO अपने कार्यक्षेत्र में संचालित गतिविधियों की दैनिक प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराएं तथा जन-जागरूकता अभियानों को प्रभावी बनाएं।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी विभागीय गतिविधियों की प्रविष्टि पोषण जन आंदोलन डैशबोर्ड पर नियमित रूप से की जाए तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से पोषण संबंधी प्रचार-प्रसार को सशक्त किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक प्रखंड से प्रतिदिन कम से कम दो उत्कृष्ट गतिविधियों की तस्वीरें एवं विवरण जिला स्तर पर भेजे जाएँ, ताकि राज्य स्तर पर जिले के उत्कृष्ट कार्यों को प्रदर्शित किया जा सके।
उपायुक्त ने कहा कि पोषण अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह जनभागीदारी पर आधारित एक जन आंदोलन है, जिसका उद्देश्य समाज के प्रत्येक परिवार तक संतुलित आहार एवं स्वस्थ जीवन का संदेश पहुँचाना है।
इसके लिए सभी विभागों, शिक्षण संस्थानों, स्वास्थ्य कर्मियों, स्वयं सहायता समूहों एवं जनप्रतिनिधियों की संयुक्त भागीदारी आवश्यक है।
बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने बताया कि पोषण माह 2025 के दौरान जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में सामुदायिक बैठकें, स्वास्थ्य जांच शिविर, पोषण परामर्श सत्र, किचन गार्डन की स्थापना एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
इन गतिविधियों से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में लोगों की सहभागिता और पोषण के प्रति जागरूकता में निरंतर वृद्धि हो रही है।
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