खरसावां में भगवान परशुराम की मनाई जयंती, 11 बाह्मण पंडितों को अंग वस्त्र देकर किया सम्मानित, बाह्मण समाज को एक सूत्र में बांधे रखना उद्देश्य़-अम्बुजाख्य आचार्य
Kharsawan
खरसावां के बासंती मंदिर परिसर में ब्राह्मण समाज और परशुराम शक्ति सेना सरायकेला खरसावां जिला इकाई के द्वारा भगवान परशुराम की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ परशुराम की तस्वीर पर बारी-बारी से ब्राहम्ण समाज के लोग ने माल्यार्पण कर किया गया। साथ ही लोगों ने भगवान श्री परशुराम के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इसके अलावे 11 बाह्मण पंडितों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान मुख्य रूप से उपस्थित अम्बुजाख्य आचार्य ने कहा कि भारत में तेजी से आर्थिक और राजनीतिक बदलाव हो रहे हैं। जब आर्थिक और राजनीतिक बदलाव होते हैं तो उसका सीधा असर समाज पर पड़ता है और ऐसे में सामाजिक संरचनाएं टूटती हैं। संरचनाओं के टूटने का असर लोगों की मानसिकता पर गहरा पड़ता है। इससे हर उम्र और कर तबके के लोगों पर प्रभाव पड़ता है। ऐसे में ब्राह्मण समाज को एक सूत्र में बांधे रखना उद्देश्य है। इसके तहत सामाजिक विकास एवं उत्थान, आपसी सहयोग स्थापित करना, नियमित सकारात्मक क्रियाकलाप में सम्मिलित होना, बेहतर समाज के लिए सबको सोचना होगा, सिर्फ बाते नही काम करना है। साथ ही भगवान परशुराम जी के आदर्श पर चलते हुए ब्राहम्ण समाज को विकसित करना है। इस दौरान मुख्य रूप से परशुराम शक्ति सेना के केन्द्रीय सचिव सुशील षांड़गी, बिप्लब कुमार पाणी, सुजीत हाजरा, उत्तम मिश्रा, हाबु सारंगी, प्रवीण षांड़गी, तन्नु पाणी, सोभित दास, प्रभात पाणी, मानु नंद आदि उपस्थित थे।
इन बाह्मण पंडितों को किया गया सम्मानित
भगवान परशुराम की जयंती पंडित अम्बुजाख्य आचार्य, प्रदीप दास, गणेश मिश्रा, सुर्य पति, चामु मिश्रा, राकेश दास, चिन्त सारंगी, दिलीप मिश्रा, ससनी त्रिपाठी, अशोक सारंगी, भाष्कर आचार्य आदि बाह्मण पंडितों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
