खरसावां छऊ महोत्सव-2026 तैयारी पर कलाकारो की
बैठक, विधायक के नेतृत्व में उपायुक्त से जल्द मिलेगा प्रतिनिधिमंडल,
जिले की मिट्टी में रचा-बसा है कला-संस्कृति-गागराई,
Kharsawan
खरसावां छऊ महोत्सव-2026 की तैयारी शुरू हो चुका है। छऊ महोत्सव को भव्य रूप देने के लिए खरसावां विधायक दशरथ गागराई के नेतृत्व में कलाकार एकजूट हो चुके है। इसको लेकर खरसावां पथ निरीक्षण भवन में रविवार को छऊ कलाकारों की एक बैठक खरसावां विधायक दशरथ गागराई की अध्यक्षता में की गई।

इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मई माह-2026 को खरसावां के अर्जुना स्टेडियम में पुरानी परंपराओं का निवार्हन करते हुए दो दिवसीय छऊ महोत्सव का आयोजन होगा। जिसमें खरसावां छऊ शैली की ग्रामीण छऊ प्रतियोगिता का आयोजन होगा। इसके अलावे सरायकेला और मानभूम छऊ की भी भव्य प्रस्तुती होगी। छऊ महोत्सव को सफल बनाने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। साथ ही खरसावां विधायक के नेतृत्व में सरायकेला खरसावां जिला उपायुक्त से जल्द एक प्रतिनिधिमंडल मिलेगा।

इस महोत्सव का पारंपरिक तरीके से मनाने पर चर्चा की गई। इस आयोजन का उद्देश्य खरसावां शैली के छऊ नृत्य और स्थानीय संस्कृति का संरक्षण करना है। साथ ही खरसावां के पारंपरिक अखाड़ों और ग्रामीण छऊ कलाकारों को मंच प्रदान करना है। वही स्थानीय छऊ गुरुओं और कलाकारों की भागीदारी सुनिश्चित किया जाएगा। मौके पर श्री गागराई ने कहा कि जिले की मिट्टी में कला-संस्कृति रचा-बसा है। कला सिर्फ पहचान ही नही बल्कि ये सरायकेला खरसावां की कला संस्कृति का प्रतीक बन चुका है। यू तो भारतीय संस्कृति में धार्मिक पंरपराओ, कला-संस्कृति और मूल्यों का सदियों से एक विशेष स्थान रहा है। जिसके जरिये हमें न केवल अपनी संस्कृति और सभ्यता को करीब से जानने का मौका मिलता है। उन्होने छऊ महोत्सव के सफल आयोजन में अपने सहयोग का भरोसा दिलाया।

कला संस्कृति ही हमारी पहचान है-मनोज चौधरी
सरायकेला नगर पंचायत के अध्यक्ष मनोज चौधरी ने कहा कि यहा की कला-संस्कृति ही झारखंड की पहचान है। हमें अपनी इस विशिष्ठ पहचान को बरकरार रखना होगा। यहां के कण-कण में छऊ व संगीत बसा है। उन्होने कहा कि कला संस्कृति ही हमारी पहचान है। इसके उत्थान के लिए लोक भागीदारी जरूरी है। छऊ हमारी संस्कृति है। इसे बचाये रखना और इसका कैसे और अधिक विकास हो, इसका दायित्व हम सबों का है। यह परंपरा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को भी सहेजने का कार्य करती है।
ये थै मौजूद
खरसावां विधायक दशरथ गागराई, सरायकेला नगर पंचायत के अध्यक्ष मनोज चौधरी, राजा गोपाल नारायण सिंहदेव, सरायकेला नगर पंचायत के उपाध्यक्ष अविनाश कवि, मुखिया सुनिता तापे, छऊ गुरू मो दिलदार, गुरू प्रमानंद नंदा, सुमंत महांती, मनोज सिंह, सुमीत महापात्रा, मो रमजान, बंसत गणतायत, सुदीप घोडाई, समीर नायक, सुरज हेम्ब्रम, सुमित्रा रविदास, अनुप सिंहदेव, शंकर बेहरा, सुशील षांडगी आदि कलाकार मौजूद थे।
