खरसावां के तसर रेशम उत्पादन पर पांच दिवसीय
क्षमता निर्माण प्रशिक्षण सर्पन, किसानों के आधुनिक तसर रेशम
उत्पादन में तकनीकी ज्ञान और कौशल को बढ़ाना उद्देश्य,
Kharsawan
खरसावां स्थित बेसिक सीड मल्टीप्लीकेशन एंड ट्रेनिंग सेंटर (बीएसएमटीसी) में तसर रेशम उत्पादन पर पांच दिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम सर्पन हो गई। इप प्रशिक्षण शिविर में खरसावां के 18 तसर रेशम उत्पादक किसानों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। जिसका उद्देश्य किसानों के आधुनिक तसर रेशम उत्पादन में तकनीकी ज्ञान और कौशल को बढ़ाना था। प्रशिक्षण का शुभआरंभ खारसावां के वैज्ञानिक-बी डॉ. सबुज गांगुली ने किया। जिन्होंने सतत रेशम उत्पादन विकास के लिए वैज्ञानिक तसर पालन पद्धतियों और गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन के महत्व पर जोर दिया। प्रशिक्षण के अंतिम दिन, वैज्ञानिक-बी डुकरे प्रदीप गुलाबराव ने बीज कोकून उत्पादन, पालन-पोषण उद्यानों की देखभाल और रखरखाव तथा अनुकूलित बीज पालकों के पंजीकरण पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने किसानों को यह भी आश्वासन दिया कि सीएसबी-बीएसएमटीसी नियमित रूप से क्षेत्र स्तर पर तकनीकी मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करता रहेगा। चाईबासा स्थित वरिष्ठ तकनीकी सहायक और कच्चा माल बैंक के प्रमुख रामोहन प्रमाणिक ने प्रतिभागियों को तसर कोकून की श्रेणीकरण, मूल्य निर्धारण तंत्र और बहुमूल्य क्षेत्र अनुभव साझा करते हुए किसानों को बाजार से जुड़े गुणवत्ता मानकों को समझने में सहायता प्रदान की। वैज्ञानिक-बी और क्षेत्र सहायक राजकुमार साहू ने तसर के खेतों में चूने और विरंजन पाउडर के प्रयोग पर एक व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया, जिससे किसानों को बेहतर पौध संरक्षण और स्वच्छता पद्धतियों को अपनाने में मदद मिली। इस कार्यक्रम के दौरान किसानों को रेशम उत्पादन की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। जिनमें रेशम कीट पालन तकनीक, लीफ सरफेस माइक्रोब (एलएसएम) का प्रयोग, जीवंसुधा घोल का उपयोग, कोकून उत्पादन, पौध संरक्षण उपाय और गुणवत्ता संवर्धन पद्धतियाँ शामिल था। तसर रेशम उत्पादन से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं और सब्सिडी के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को तकनीकी साहित्य और निरंतर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम में बयांग और लोपटा गांवों के किसानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जिन्होंने बेहतर उत्पादकता और आय के लिए वैज्ञानिक तसर रेशम उत्पादन पद्धतियों को अपनाने पर संतोष और विश्वास व्यक्त किया।
October 22, 2026 6: 40 am
Breaking
- तिरुलडीह गोलीकांड के शहीदों को विभिन्न दलों के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, 44 साल बाद भी शहीद परिवार को सम्मान और नौकरी नहीं मिलने का उठा मुद्दा
- राजखरसावां मे सिंदूर खेल बंगाली महिलाओं ने दी मां दुर्गा को अंतिम विदाई, बोलीं-हे मां अगले साल फिर आना…,
- खरसावां के सांडेबुरू में ‘एक शाम सांडेबुरू के नाम’ कार्यक्रम, शिक्षा, विज्ञान, बचत और संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियों ने मोहा मन, प्रतिभागी पुरस्कृत,
- कुचाई में तीन दिवसीय फुटबॉल महाकुंभ संपन्न, बाबा एंड बाबा को पराजित कर अवटी एंड सान्वी बनी चैंपियन, विजेता को दिए दो लाख रुपये,
- खूंटपानी के लोहरदा में ग्रामीण शिक्षा सहायता केंद्र शुरू, गरीब बच्चों को मिलेगी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद,
- तिरुपति बालाजी मंदिर में गूंजी खरसावां छऊ की गूंज, झारखंडी संस्कृति की छटा से मंत्रमुग्ध हुए दर्शक, ‘माया बंधन’ और ‘शिकार नृत्य’ की शानदार प्रस्तुति ने मोहा मन, राष्ट्रीय मंच पर कलाकारों ने बढ़ाया झारखंड का मान, ब्रह्मोत्सव में 169 कला दलों के करीब 3,700 कलाकारों ने लिया हिस्सा
- सिनी ओपी क्षेत्र में धारदार हथियार से वार कर 58 वर्षीय व्यक्ति की हत्या धातकीडीह गांव में वारदात से इलाके में सनसनी, पुलिस कर रही मामले की जांच
- चांडिल में डकैती कांड का खुलासा, दो अपराधी गिरफ्तार; 24 लाख के जेवरात बरामद कुरियर कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी ने साथियों के साथ मिलकर दिया था वारदात को अंजाम, एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पकड़ा 32 पीस ब्रिटिश कालीन चांदी के सिक्के, 80 ग्राम सोना और 5142 ग्राम चांदी समेत अन्य सामान बरामद,
