सरायकेला में नामांकन अभियान तेज, नव नामांकित बच्चों का अनोखे अंदाज में स्वागत,
Seraikella
सरायकेला। जिले के सरकारी विद्यालयों में इन दिनों नामांकन अभियान तेज गति से चल रहा है। शिक्षा विभाग द्वारा 1 अप्रैल से सभी स्कूलों में विशेष नामांकन अभियान शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालय से जोड़ना और ड्रॉपआउट बच्चों का पुनः नामांकन सुनिश्चित करना है।
अभियान के तहत स्कूलों में नव नामांकित बच्चों का स्वागत अनोखे तरीके से किया जा रहा है। कहीं बच्चों को तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया जा रहा है तो कहीं पुष्प देकर उनका स्वागत किया जा रहा है। इस पहल में विद्यालय प्रबंधन समिति की अहम भूमिका देखने को मिल रही है, जो अभिभावकों को भी बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूक कर रही है।
शिक्षा विभाग का फोकस केवल नामांकन तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति और ठहराव सुनिश्चित करने पर भी है। इसके लिए विद्यालयों का माहौल आकर्षक और अनुकूल बनाया जा रहा है, ताकि बच्चे पढ़ाई में रुचि लें और बीच में स्कूल छोड़ने की प्रवृत्ति कम हो।
जिला शिक्षा अधीक्षक कैलाश मिश्रा ने बताया कि शुरुआती दिनों में नए बच्चों का मन विद्यालय में कम लगता है, जिससे वे पढ़ाई छोड़ देते हैं। इस बार इस समस्या को ध्यान में रखते हुए विशेष रणनीति अपनाई गई है। बच्चों को उनके अनुकूल वातावरण में पढ़ाया जा रहा है और शिक्षकों को भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य जिले से ड्रॉपआउट की समस्या को पूरी तरह समाप्त करना है।
महादेवपुर स्कूल में उत्साहपूर्ण आयोजन
सरायकेला प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय महादेवपुर में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत उत्साहपूर्ण माहौल में हुई। प्रधानाध्यापिका स्मिता श्रीवास्तव के नेतृत्व में नव नामांकित बच्चों का तिलक लगाकर एवं पुष्प भेंट कर स्वागत किया गया। इस दौरान विद्यालय परिसर में बच्चों और अभिभावकों में खासा उत्साह देखा गया।
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि इस तरह के स्वागत कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को विद्यालय के प्रति आकर्षित करना और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है। बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए भी प्रेरित किया गया।
वहीं प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी दिनेश कुमार दंडपात ने बताया कि सरायकेला प्रखंड के सभी विद्यालयों में इसी तरह नव नामांकित छात्रों का स्वागत किया जा रहा है। विभाग द्वारा लगातार निगरानी कर अभियान को सफल बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
