खरसावां के देहरीडीह में हुई वार्षिक छऊ नृत्य प्रदर्शनी, शिकारी परंपरा पर आधारित सबर नृत्य को भी दर्शकों ने सराहा, माया साबरी, राधा-कृष्ण व हर-पार्वती नृत्य से कलाकारों ने वाहवाही बटोरी,
Kharsawan रजो संक्रांति पर खरसावां के देहरीडीह गांव में छऊ नृत्य सह रात्रि मेला का आयोजन किया गया। इस दौरान कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से छऊ के विविध रंग को रेखांकित किया। ढोलक, नगाड़े व शहनाई की धुन पर कलाकारों ने लय से लय मिला कर भंगिमाओं के सहारे नृत्य के भाव को प्रकट किया। कलाकारों ने राधा कृष्ण, माया साबरी व हर-पार्वती नृत्य पर जम कर वाहवाही बटोरी। वहीं, शिकारी परंपरा पर आधारित सबर नृत्य को भी दर्शकों ने सराहा। गणेश वंदना के साथ नृत्य की शुरुआत हुई। इसके साथ पौराणिक कथाओं पर आधारित नृत्य पेश किये गये। भगवान श्री कृष्ण व सखाओं की माखन चोरी, श्रीकृष्ण की बाल लीला पर आधारित कालिका दमन, भगवान श्रीकृष्ण की रास लीला पर आधारित माया बंधन आदि नृत्य पेश कर कलाकारों ने समां बांधा। वहीं कलाकारों ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित झांसी की रानी, नेताजी सुभाष चंद्रबोस की जीवनी पर आधारित चलो दिल्ली नृत्य पेश कर समां बांधा। कलाकारों ने झारखंड की शिकार परंपरा पर आधारित सबर नृत्य व नाग-नागिन के जरिये भी दर्शकों को झुमाया। धार्मिक थीम पर आधारित बाली-सुग्रीव के द्वंद पर आधारित बालि वध व महिषासुर वध नृत्य पेश कर कलाकारों ने दर्शकों का मन मोह लिया। लोगों ने छऊ नृत्य के साथ साथ मेला कभी भरपूर आनंद लिया।
March 10, 2026 2: 01 am
Breaking
- सरायकेला में नुक्कड़ नाटक कर जन-जन को आयुष अपनाने हेतु किया प्रेरित, क्रॉनिक बीमारियों को जड़ से मिटाने की जो शक्ति आयुर्वेद में है वह किसी अन्य चिकित्सा पद्धति में नहीं- डॉ पूनम कुमारी
- खरसावां में मां बसंती पूजा की तैयारी को लेकर बैठक, 23 मार्च से शुरू होगा चार दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान, विजया दशमी पर ब्राह्मण बच्चों के लिए होगा सामूहिक व्रत उपनयन संस्कार,
- झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) बोर्ड की नवीं कक्षा के हिंदी प्रश्न पत्र के लगभग 33 प्रतिशत प्रश्न आउट ऑफ सिलेबस
- खूंटपानी में कोल्हान रक्षा संघ का महासम्मेलन, हो भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग, हक और अधिकारों की रक्षा के लिए सजगता जरूरी-डिंबार जोको,
- महिला दिवस पर नगर पंचायत अध्यक्ष ने विधायक सविता महतो से की शिष्टाचार मुलाकात
- खरसावां के आन्नदडीहु, जोजोडीह, दलाईकेला व कस्तृरबॉ में नुक्कड नाटक के तहत आयुष पद्धति अपनाने के लिए दिलाई शपथ, बताया आयुष पद्धति न केवल रोगों के उपचार में है सहायक,
- कुचाई के जिलिंगदा में सरहुल पर्व की तैयारी को लेकर बैठक, 21 मार्च को मनाया जायेगा सरहुल, सरहुल केवल एक पर्व नहीं बल्कि प्रकृति, संस्कृति और समाज के आपसी संबंधों का प्रतीक है
- खूंटपानी में वृहद झारखण्ड मोर्चा का वार्षिक महाधिवेशन संर्पन्न, झारखंडियों के अधिकारों की लड़ाई तेज करने का संकल्प, जनता कई वर्षों से तलाश रहे राजनीतिक विकल्प-बिरसा सोय
