खरसावां के रामपुर में रोजो पर्व पर हुई सांस्कृतिक
छऊ नृत्य, कलाकारों ने दी भव्य प्रस्तुती, दर्शक हुए मंत्रमुग्ध
खरसावां का छऊ नृत्य संस्कृतियों का संगम है-मुखिया
Kharsawan
खरसावां प्रखण्ड के रामपुर में रोजो वर्प के अवसर पर नव युवक छऊ नृत्य पार्टी रामपुर के द्वारा सांस्कुतिक छऊ नृत्य का आयोजन किया गया। सांस्कुतिक छऊ नृत्य कार्यक्रम का शंुभआरंभ खरसावां के हरिभंजा पंचायत के मुखिया सिद्वेश्वर जोकों के द्वारा फीता काटकर कर किया गया। मौके पर श्री जोकों ने कहा कि छऊ खरसावां की जीवन रेखा है। छऊ नृत्य की कला परंपरा युगों युगों से चली आ रही है।

खरसावां का छऊ नृत्य संस्कृतियों का संगम है। जो दूर दूर तक फैली है। इसकी महत्ता बनाए रखे। तभी कला का विकास संभव है। उन्होने कहा कि छऊ नृत्य से रौराणिक परंपरा और संस्कृति झलकती है। छऊ नृत्य हमारी संस्कृति से जूडा है। इससे भाईचारगी बढ़ती है। छऊ हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। इससे बचाए रखना हमसभी का कर्तव्य है। सांस्कुतिक छऊ नृत्य का शुभआरंभ गणेश वंदना नृत्य के साथ किया गया। इस सांस्कुतिक छऊ नृत्य कार्यक्रम में नव युवा छऊ नृत्य समिति रामपुर एवं छऊ नृत्य दल देहरूडीह के कलाकारों के द्वारा प्रस्तुत रोकती होली, मिसित मिलन, सीता हरण, शबर, अभिमन्यु वध, गणेश वंदना, महिसासुर वध, माया शबरी, रामलीला, शिव रात्री, शिकारी आदि नृत्य की भव्य प्रस्तुती देकर दर्शको मंत्रमुग्ध दिया। वही पूरी रात दर्शक छऊ नृत्य का लृफ्त उठाते रहे। इस दौरान मुख्य रूप से मुखिया सिद्वोश्वर जोकों, बबलू हेम्ब्रम, रविशंकर महतो, सुदीप घोडाई, समीर नायक, अरुण महतो, युधिष्ठिर महतो, रायबू सुरेन, विष्णु चांपिया, सुनील बोदरा, चांदनी हेम्ब्रम, बिंदिया हेम्ब्रम, सोनी हेम्ब्रम, सीका गोप, भागीरथी महता,े सुरज महतो, शिवो चांपिया, बांदी तुमली, संजय बोयपाई आदि उपस्थित थे।
