जिले के विभिन्न गांवो में नुक्कड़ नाटक के जरिए अंधविश्वास पर प्रहार, डायन प्रथा, अंधविश्वास, सामाजिक कुरीतियों, सड़क सुरक्षा और साइबर फ्रॉड पर चला जागरूकता अभियान,
Kharsawan
सरायकेला-खरसावां जिले के विभिन्न गांवों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम में लोक कला मंच खरसावां, छऊ नृत्य कला केंद्र खरसावां एवं जिला स्पोर्ट्स एसोसिएशन के कलाकारों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से लोगों को जागरूक किया। इस इस जागरूकता कार्यक्रम के तहत खरसावां प्रखंड के बडाआमदा पंचायत के टिडिंगटिपा और उदालखाम में सरायकेला के नुवागांव पंचायत के ठाटूपांड़ा एवं नुवागांव तथा राजनगर के पोटका पंचायत के तेलाई और केसरगाडिया गांव में कलाकारों ने प्रभावशाली प्रस्तुति दी।

इस अभियान के तहत कलाकारों ने डायन प्रथा, अंधविश्वास, सामाजिक कुरीतियों, रक्तदान, सड़क सुरक्षा और साइबर फ्रॉड जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संदेश दिया। नुक्कड़ नाटक, गीत और संवाद के माध्यम से ग्रामीणों को बताया गया कि किसी भी बीमारी को डायन प्रथा से जोड़ना पूरी तरह अंधविश्वास है और इसका इलाज झाड़-फूंक नहीं, बल्कि चिकित्सक से कराना चाहिए। कलाकारों ने झारखंड डायन प्रथा निषेध कानून की जानकारी देते हुए कहा कि किसी महिला को डायन बताकर प्रताड़ित करना दंडनीय अपराध है। इसके तहत दोषियों को सख्त सजा और जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही कार्यक्रम में बाल विवाह, दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ भी लोगों को जागरूक किया गया। सड़क सुरक्षा को लेकर हेलमेट और यातायात नियमों के पालन की अपील की गई। साइबर फ्रॉड से बचने के लिए लोगों को सतर्क रहने और किसी अनजान कॉल या लिंक पर भरोसा न करने की सलाह दी गई। रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कलाकारों ने इसे महादान बताया और अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में फैले अंधविश्वास को समाप्त कर समाज में जागरूकता और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और कलाकारों के संदेश को सराहा।
