खरसावां के सिमला में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस
पर हुई गोष्ठी, झारखंड में पुर्ण रूप से शराबबंदी का लिया संक्लप,
शराबबंदी पर मानसिकता में बदलाव की जरूरत- अंगुर महतो,
kharsawan
खरसावां के सिमला स्थित लोकहित संस्था प्रशिक्षण केन्द्र में रविवार को जिला महिला संगठन एवं लोकहित संस्था सिमला के द्वारा द्वारा समान अधिकार, समान अवसर व समान शक्ति के तहत अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। साथ ही झारखंड में पुर्ण रूप से शराबबंदी और शराब मुक्त समाज की स्थापना करने का संक्लप लिया।

मौके पर लोकहित संस्था सिमला के सचिव अंगुर महतो ने कहा कि आज के समय में महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नही है। पुरूषो से महिलाएं कदम से कदम मिलाकर चल रही है। बस जरूरत है उन्हे आगे बढने के लिए हौसला देने की। उन्होने ने कहा कि शराबबंदी के लिए सोच और मानसिकता बदलनें की जरूरत है। विशेष कर महिलाओं को अपनी सोच बदलने के लिए प्रयासरथ रहे। कडी मेहनत और लगन से प्रयास करे सफलता जरूर मिलेगी। उन्होने कहा कि नारी सशक्तिकरण के बिना मानवता का विकास अधुरा है। जबकि लोकहित संस्था सिमला के कुंती बहन ने कहा कि नारी सशक्तिकरण सिर्फ शहरी क्षेत्रों के लिए ही नही, बल्कि सुदूर कस्बों और गांवों में भी होना चाहिए। जहां हमारे समाज में महिलाओं की आवाज को जोर से और स्पष्ट रूप से सुना जाना चाहिए। उन्होने कहा कि आज भी कई महिलाएं हिंसा, भेदभाव और आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रही हैं। बदलाव धीरे-धीरे नहीं होना चाहिए बल्कि हमें अभी कदम उठाने होंगे। ताकि हर किसी को समान अधिकार, अवसर और सुरक्षा मिल सके। त्वरित कार्रवाई लैंगिक न्याय के लिए एक साथ उठना का मतलब है कि हमें जल्दी और मिलकर काम करना होगा। ताकि महिलाओं और समाज के हाशिए पर रहने वाले लोगों को न्याय मिल सके। इसका उद्देश्य कानूनी सुधार, शिक्षा, कार्यस्थल में समानता और सुरक्षा जैसे जरूरी मुद्दों पर तुरंत ध्यान देना है। वही महिलाओं ने झारखंड में पुर्ण रूप से शराबबंदी और शराब मुक्त समाज की स्थापना का शपथ लिया। इस दौरान अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस उदेश्य, गतिविधिया, अल्पकालिक प्रभाव, दीर्घकालिक प्रभाव से अवगत कराया गया। इस दौरान मुख्य रूप से लोकहित संस्था सिमला के अध्यक्ष कुंती बहन, सचिव अंगुर महतो, लक्ष्मी लोहार, आमला जोको, धनेश्वरी, अंजू मुर्म, आलोचना कांलिदी आदि मौजुद थे।
