खरसावां के पदमपुर तेलीसाई स्थित प्रसिंद्व मंदिर
में मां काली की पूजा-अर्चना 20 अक्टूवर से 26 अक्टूवर तक
मां काली कें दर्शन के लिए पहुचते है लाखो श्रद्वालु
kharsawan
खरसावां के श्रद्वालुओं के आस्था व विश्वास के प्रतिक खरसावां कें प्रसिंद्व तेलीसाई पदमपुर मां काली 128 वां मेला पारंपरिक रीति रिवाज के तहत लगेगा। साथ ही पूजा-परंपरा भी विधि विधान के तहत होगा। आगामी 20 अक्टूवर से 26 अक्टूवर तक चलने दिन रात्री सात दिवसीय मेला में प्रतिवर्ष मां काली की पूजा-अर्चना को लेकर लगभग एक लाख श्रद्वालुओं पहुचतें है और मां काली का पारम्परिक रीति रिवाज के साथ पुजा अर्चना कर मेला का आन्नद उढाते है। पदमपुर मे मां काली की पुजा अर्चना 1897 से होती आ रही है। मंा काली कें दर्शन के लिए झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिसा, आदि राज्यो के कोने कोने से श्रद्वालुओं पहुचंते है। मां काली आस्था दुर दुर तक फैली है। साथ दिनो तक होने वाले पुजा अर्चना के दौरान भक्त अपनी मनोकामना पुर्ण होने पर मां काली के दरबार मे बकरे की बलि चढाते है। प्रत्येक साल सात दिवसीय पुजा अर्चना के दौरान भक्तों के द्वारा हजारो कि संख्या मे बकरे की बलि दी जाती है।
मेला में यह होगा आकर्षण का केंन्द
मेला मे आकर्षण बढाने, और भक्तों के मनोरंजन के लिए ओडिशा के अपेरा आदिवासी ड्रामा, सर्कस, बुग्गी बुग्गी, आसमानी झुला, मौत का कुआ, चादं तारा झुला, छोटा झुला, फाटो स्टुडियो, चाट स्टाल, खिलौने की दुकान, मुर्गा पाडा, मनिहारी दुकान, चुडियो की दुकान, क्रासमेटिक की दुकान, चप्पल जुते की दुकान, गुडा गुडियो की दुकान, नाव झुला, सहित उडिया अपेरा आदि आकर्षण का केन्द्व होगा।
March 10, 2026 1: 16 pm
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