खरसावां में श्रीमद्भागवत पुराण कथा: के पांचवे दिन श्रीकृष्ण की बाल लीलाओ से हुए श्रद्धालु अवगत,ये लीलाएं अटूट प्रेम, निश्छल भक्ति और ईश्वरीय शक्ति का अद्भुत संगम हैं-कथावाचक,
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खरसावां प्रखंड के बेहरासाई सामुदायिक भवन में रामकृष्ण कथा समिति के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के पांचवे दिन कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
कथावाचक रसराज महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं गोकुल और वृंदावन में उनके बचपन की दिव्य, शरारतपूर्ण और चमत्कारिक घटनाएं हैं। माखन चोरी, मिट्टी खाना, यशोदा मैया को ब्रह्मांड दिखाना, कालिया नाग दमन, और गोवर्धन पर्वत उठाना प्रमुख लीलाएं हैं।
उन्होंने कहा कि ये लीलाएं अटूट प्रेम, निश्छल भक्ति और ईश्वरीय शक्ति का अद्भुत संगम हैं, जो हर भक्त का मन मोह लेती हैं। कथावाचक ने बताया कि श्रीकृष्ण बाल लीला की प्रमुख कथाएं है। जिसमे माखन चोरी: कृष्ण अपने सखाओं (ग्वाल-बालों) के साथ गोकुल के घरों में मटकियां फोड़कर माखन चुराते थे। मखन न मिलने पर वे बंदरों को खिला देते थे।

मिट्टी खाना और ब्रह्मांड दर्शन: एक बार कृष्ण ने मिट्टी खाई। यशोदा मैया ने जब मुँह खोलने को कहा, तो कृष्ण ने अपने मुंह में संपूर्ण ब्रह्मांड के दर्शन कराए।
ओखल से बंधना (दामोदर लीला): माखन चोरी से तंग आकर यशोदा मैया ने कृष्ण को ओखल से बांधने का प्रयास किया, लेकिन कृष्ण ने अपनी लीला से मैया को प्रेम का महत्व समझाया।
कालिया नाग दमन:
यमुना नदी में विषैले कालिया नाग के फन पर नृत्य करके कृष्ण ने उसे यमुना छोड़कर जाने पर मजबूर किया और व्रजवासियों की रक्षा की।
गोवर्धन पूजा:
इंद्र के घमंड को चूर करने के लिए, कृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर इंद्र की भारी वर्षा से गोकुलवासियों को बचाया।
पूतना वध:
कंस द्वारा भेजी गई राक्षसी पूतना ने कृष्ण को विषैला दूध पिलाने का प्रयास किया, लेकिन कृष्ण ने उसका वध कर दिया। ये कथाएं न केवल मनोरंजन करती हैं, बल्कि भगवान के प्रति प्रेम और समर्पण की भावना भी सिखाती हैं।
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