सरायकेला में छऊ महोत्सव पर उठे सवाल, आज होगा कुंवर विजय प्रताप सिंहदेव की प्रतिमा का अनावरण
Seraikella
सरायकेला। राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र एवं जिला प्रशासन द्वारा 11 से 13 अप्रैल तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय छऊ महोत्सव को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज है कि हर वर्ष की तरह इस बार भी महोत्सव में कलाकारों के चयन और आयोजन प्रक्रिया में अनियमितता एवं दलाली हावी हो सकती है।
जानकारी के अनुसार, इस आयोजन पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने की योजना है। आरोप है कि बजट का बड़ा हिस्सा सजावट, खान-पान और अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च हो जाता है, जबकि असली कलाकारों को अपेक्षित मंच और सम्मान नहीं मिल पाता। स्थानीय लोगों का कहना है कि महोत्सव का मूल उद्देश्य छऊ कला और कलाकारों को बढ़ावा देना होना चाहिए, लेकिन प्राथमिकताएं इससे अलग नजर आ रही हैं।
यह भी आरोप है कि आयोजन से जुड़े कई कार्य दलालों के माध्यम से कराए जा रहे हैं, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हाल ही में आयोजित बैठक में उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया था, इसके बावजूद कई ग्रामीण एवं स्थानीय छऊ नृत्य दलों को नजरअंदाज किए जाने की चर्चा है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले कलाकारों की उपेक्षा को लेकर असंतोष भी बढ़ता जा रहा है।
संस्कृति से जुड़े लोगों का कहना है कि छऊ की असली पहचान ग्रामीण कलाकारों से ही है, ऐसे में उन्हें मंच से दूर रखना चिंताजनक है। लोगों ने मांग की है कि महोत्सव के आयोजन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और सभी नृत्य दलों, विशेषकर ग्रामीण कलाकारों को उचित अवसर दिया जाए, ताकि इस समृद्ध परंपरा को सही मायनों में आगे बढ़ाया जा सके।
इधर, छऊ महोत्सव से पूर्व आज एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम भी आयोजित किया जा रहा है। मॉडर्न छऊ नृत्य के जनक माने जाने वाले कुंवर विजय प्रताप सिंहदेव की प्रतिमा का अनावरण छऊ कला केंद्र परिसर में किया जाएगा।
नगर पंचायत के सिटी मैनेजर सुमित सुमन ने जानकारी देते हुए बताया कि 10 अप्रैल, शुक्रवार को सुबह 11:00 बजे अनावरण कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इस अवसर पर नगर के प्रबुद्ध नागरिक, कलाकार एवं कई गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और छऊ कला केंद्र परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है।
