खरसावां में खड़खड़ी धूप के बीच आसमान से बरसी
मौत, पुड़िदा में पेड़ के नीचे खड़े व्यक्ति ने वज्रपात से तोड़ा
दम, नारायणबेडा में वज्रपात से बैल की मौत,
Kharsawan
खरसावां में खड़खड़ी (तेज) धूप के बीच अचानक आसमानी बिजली मौत बनकर बरसी। जिसके चपेट में आने से पेड़ के नीचे खड़े व्यक्ति और एक बैल ने दम तोड दिया। मृतक की पहचान खरसावां के पुडिदा गांव निवासी गंगाराम बोयपाई (38) पिता-सोमा बोयपाई के रूप में हुई है। यह घटना मंगलवार दोपहर 2.30 बजे की है। मिली जानकारी के अनुसार खरसावां के पुडिदा गांव निवासी गंगाराम बोयपाई दोपहर 2.30 बजे खेत की ओर गया था। इसी क्रम में खड़खड़ी (तेज) धूप के बीच अचानक आसमान से आकाशीय बिजली चमकने लगी। तेज हवाए चलने लगी। आसमानी बिजली कडकन से डरकर गंगाराम बोयपाई अपने घर की ओच चल दिया। घर पहुचे से पहले ही आसमानी बिजली कडकन के साथ हल्की बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए गंगाराम बोयपाई ने पेड का साहारा लिया। इसी क्रम में आसमानी वज्रपात हुआ। जिसके चपेट में आने से गंगाराम बोयपाई बेहोश होकर पेड के नीचे गिर गया। स्थानीय ग्रामीणों ने आनफान में बेहोश गंगाराम बोयपाई को उठाकर सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र खरसावां पहुचाया। जंहा चिकित्सक डॉ कन्हैयालाल उरावं ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से मृतक की पत्नी आशा चांकी को रो-रो कर बुरा हाल है। दुसरी और इसी आसमानी वज्रपात की चपेट में आने से खरसावां के नारायणबेडा गांव के हरि माडी का एक बैल की मौत हो गई। हल्की बारिश के साथ आसमानी वज्रपात से बचने के लिए मवेशी पेड के नीचे शरण लिया था। इसी दौरान वज्रपात होने से बैल ने दम तोड दिया।

ऐसे होती है अप्रत्याशित घटना
खड़खड़ी (तेज) धूप के बीच अचानक आसमान से आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की घटनाएं अक्सर बादलों के घने होने, वातावरण में नमी या दूरदराज के क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण होती हैं। जब तेज धूप के कारण अचानक हवा गर्म होकर ऊपर उठती है, तो बादलों में भारी विद्युत आवेश उत्पन्न होता है। कई बार बादल मीलों दूर होते हैं और उनकी चमक या बिजली कई किलोमीटर दूर स्थित धूप वाले इलाकों में गिर जाती है, जिसके कारण यह अप्रत्याशित घटना होती है।

मौत से मातम का माहौल
वज्रपात से घायल होने के बाद आनन-फानन में गंगाराम बोयपाई को सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र खरसावां इलाज के लिए लाया गया, जहां पर चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से खरसावां के पुडिदा गांव में मातम का माहौल है। मृतक के पांच और सात साल की दो बेटी है। दोनो बेटियों के सर से पिता का साया उठ चुका है।
