चक्रधरपुर में होगा तीन दिवसीय जनजातीय कला उत्सव, तैयारियों को लेकर सरायकेला में बैठक, जनजातीय कला, संस्कृति और लोक परंपराओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाना है उद्देश्य,
Seraikella
चक्रधरपुर में लट्टू उरांव कल्याण समिति द्वारा आयोजित होने वाले तीन दिवसीय जनजातीय कला उत्सव-2026 की तैयारी को लेकर सरायकेला सर्किट हाउस में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता गुरु तपन कुमार पटनायक ने की, जबकि चक्रधरपुर विधायक सुखराम उरांव विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में 17 से 19 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई। आयोजन समिति ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य जनजातीय कला, संस्कृति और लोक परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। इस अवसर पर विधायक सुखराम उरांव ने कहा कि लट्टू उरांव कल्याण समिति अपनी स्थापना की 11वीं वर्षगांठ को यादगार बनाने के उद्देश्य से इस भव्य सांस्कृतिक आयोजन का आयोजन कर रही है। कार्यक्रम की सफलता के लिए राज्य के प्रसिद्ध कलाकारों और गुरुओं से लगातार सुझाव लिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में सरायकेला एवं खरसावां के नृत्य विशेषज्ञों से चर्चा की गई है तथा आगामी 13 अप्रैल को चक्रधरपुर में विभिन्न कला क्षेत्रों के कलाकारों एवं नृत्य विशारदों के साथ एक और महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में गुरु तपन कुमार पटनायक, मोहम्मद दिलदार, पिनाकी रंजन, शिवचरण साहू, बसंत कुमार गणतायत, मुकेश घोडाई सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
17 अक्टूबर को होगा शुभारंभ
उत्सव का शुभारंभ 17 अक्टूबर को स्थानीय लोक कलाकारों एवं बॉलीवुड कलाकारों की प्रस्तुति के साथ किया जाएगा। कार्यक्रम में राज्यभर के उन कलाकारों को मंच दिया जाएगा, जिन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शन के लिए बेहतर अवसर की आवश्यकता है। उत्कृष्ट कलाकारों को विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित भी किया जाएगा।
18 अक्टूबर को छऊ नृत्य प्रतियोगिता
18 अक्टूबर को चक्रधरपुर विधानसभा क्षेत्र के 16 छऊ नृत्य दलों के बीच भव्य छऊ नृत्य प्रतियोगिता आयोजित होगी। समिति द्वारा सभी दलों को सहायता राशि उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी थीम के अनुरूप छऊ पोशाक एवं अन्य सामग्री भी प्रदान की जाएगी। प्रतियोगिता में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाली टीमों को नगद पुरस्कार एवं सम्मान दिया जाएगा।
19 अक्टूबर को अंतरराज्यीय सांस्कृतिक संगम
उत्सव के अंतिम दिन 19 अक्टूबर को राज्य एवं अंतरराज्यीय स्तर के प्रसिद्ध नृत्य दल अपनी प्रस्तुति देंगे। इसमें असम का बिहू और बोडो नृत्य, राजस्थान का कालबेलिया, रास और मयूर नृत्य, ओडिशा का संबलपुरी, घुडका और मयूरभंज छऊ के साथ मानभूम, सरायकेला एवं खरसावां छऊ का प्रदर्शन मुख्य आकर्षण होगा।
