खरसावां के बुढीतोपा में कलश यात्रा स्थापना के साथ 16
प्रहर हरि संकिर्त्तन शुरू, श्रद्वालुओं ने पारंपरिक विधि विधान से भगवान राधा कृष्णा की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की खुशहाली की कामना
kharsawan
खरसावां प्रखंड के अंतर्गत बुढ़ीतोपा गांव में कलश स्थापना के साथ हरिनाम संकीर्तन महायज्ञ का आयोजन किया गया। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी में पारंपरिक विधि विधान के तहत श्री श्री हरि संकीर्तन समिति बुडीतोपा के द्वारा रामनवमी के शुभ अवसर पर 16 प्रहर हरि संकीर्तन शुरू हो गई। हरि संकीर्तन महायज्ञ का शुभआरभं विगत 26 मार्च शाम से गंधाधिवास के साथ शुरू हो गई है।

वही 27 मार्च को बुढ़ीतोपा गांव के तलाब से पारंपरिक तरीके से कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें विभिन्न गांवो से सैकडो की संख्या में महिलाओ ने भाग लिया। महिलाओं ने बुढ़ीतोपा गांव के तलाब से पूजा-अर्चना कर जल उठाकर जयकारे लगाते हुए विभिन्न मांगो से होते हुए हरि संकीर्तन स्थल पहुची। कलश स्थापना के साथ राधा गोविन्द हरिबोल संकीर्तन नाम यज्ञ आरम्भ हुआ था।

आगामी 28 मार्च को नामयज्ञ होगा। जबकि आगामी 29 मार्च को कुंज विसर्जन एवं धुलौट के साथ महायज्ञ का समापन हो गया। राधा गोविन्द हरि संकीर्तन में बुढ़ीतोपा, पदमपुर, बोड़ड़ा, आमदा, पिडकी सहित विभिन्न गांवो से सैकडों की संख्या में श्रद्वालु पहुचे। और भगवान राधा कृष्णा की पूजा अर्चना विधि विधान के साथ ही गांव के सुख शांति की कामना की गई। इस दौरान बुढीतोपा गांव में हरि संकिर्त्तनमय रहा। दुर दराज से पहुचे श्रद्वालु ने राधा कृष्णा हरि संकिर्त्तन का आन्नद उठाया। इस हरि संकिर्त्तन में शामिल होकर विधि विधान से पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। वक्तओ ने कहा कि राधा कृष्णा की महिमा अपरमपार है। भगवान कृष्ण के प्रति आस्था व विश्वास हमारी ताकत है। भगवान राधा कृष्णा लोगों के कष्ट दूर करेंगे। हरि संकीर्तन में पहुंचे और राधा कृष्णा से हर परिवार खुशहाल रहे, समाज से सारे कष्ट दूर होने की कामना की। इस हरिनाम संकीर्तन महायज्ञ में झारखंड, पंश्चिम बंगाल, पुरूलिया, ईचागढ आदि संकिर्त्तन मंडली के कलाकारों ने भाग लिया। इस दौरान काफी संख्या में ग्रामीणों उपस्थित थे।
