झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री सह राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन का
निधन राज्य और राष्ट्र के लिए एक अपूरणीय क्षति-अर्जुन मुंडा
kharsawan
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री सह राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन का निधन को राज्य और राष्ट्र दोनों के लिए एक अपूरणीय क्षति बताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री सह पूर्व केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की,। उन्हें वंचितों के लिए एक अथक आवाज और एक अलग राज्य की लड़ाई में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में याद किया।

श्री मुंडा ने कहा कि झारखंड आंदोलन में सोरेन के नेतृत्व और आदिवासियों तथा वंचितों के संघर्षों के प्रति उनकी आजीवन प्रतिबद्धता ने क्षेत्र के इतिहास पर अमिट छाप छोड़ी है। पत्रकारों से बातचीत में मुंडा ने कहा कि शिबू सोरेन का निधन पूरे राज्य और देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। क्योंकि उन्होंने हमेशा संघर्षों में संलग्न रहकर जनचेतना को मजबूत किया और जन मुद्दों पर जागरूकता लाने के लिए मुखरता से संघर्ष किया। अलग राज्य के आंदोलन में उनकी सक्रिय भूमिका को न तो राज्य और न ही देश भुला सकता है। उन्होंने कहा कि साहूकारों और शोषकों के खिलाफ लड़ते हुए झारखंड आंदोलन का नेतृत्व करते हुए उन्होंने हमेशा वंचितों और आदिवासियों की आवाज बनकर लोगों की सेवा की। आज उनके निधन से हम सभी को गहरा दुख हुआ है। यह झारखंड और यहां के लोगों के लिए बहुत दुखद है और इससे झारखंड को बहुत बड़ी क्षति हुई है। बता दे कि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता शिबू सोरेन का लंबी बीमारी के बाद सोमवार सुबह नई दिल्ली में 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया। झारखंड के मुख्यमंत्री और उनके बेटे हेमंत सोरेन ने एक्स पर एक पोस्ट में नेता के निधन की पुष्टि की। हेमंत सोरेन ने कहा, आदरणीय दिशोम गुरुजी हम सबको छोड़कर चले गए हैं। आज मैं बहुत दुखी हूं। राष्ट्रीय राजधानी स्थित सर गंगा राम अस्पताल, जहाँ पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन भर्ती थे, के अनुसार , उन्हें गुर्दे की बीमारी थी। डेढ़ महीने पहले उन्हें स्ट्रोक हुआ था। पिछले एक महीने से वे जीवन रक्षक प्रणाली पर थे। शिबू सोरेन ने 38 वर्षों तक झारखंड मुक्ति मोर्चा का नेतृत्व किया और उन्हें पार्टी के संस्थापक संरक्षक के रूप में जाना जाता है। वे झारखंड के तीसरे मुख्यमंत्री थे। अपने चार दशक के राजनीतिक करियर में सोरेन आठ बार लोकसभा के लिए चुने गए और दो बार राज्यसभा सांसद रहे।
