चक्रधरपुर के धनगांव मे वृहद झारखण्ड मोर्चा की बैठक,
जल जंगल जमीन लूटना चाहते है बाहरी पूंजीपति, जमीन बचाने हेतु
आदिवासियों को एकजुट होने की जरूरत-बिरसा सोय
chakradharpur
चक्रधरपुर प्रखंड के धनगांव गांव में वृहद झारखण्ड मोर्चा की एक बैठक दुर्गा चरण पुरती के अध्यक्षता की गई। इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित केन्द्रीय अध्यक्ष बिरसा सोय ने कहा कि आदिवासियों की जल जंगल जमीन बचाना हमारा पहला प्राथमिकता है। जो सदियों से हम आदिवासियों ने अपना जल जंगल जमीन बचाने के लिए हमेशा संघर्षरत रहे हैं। आज बाहरी पूंजीपतियों ने हमारा जल जंगल जमीन लूटना चाहते हैं। इसे हम होने नहीं देंगे।
उन्होने कहा कि आज झारखंड में सरकार के अंदर पूंजीवाद हावी है। जिसके कारण आदिवासियों के लिए बनाए गए कानूनों को सरजमीं में सख्ती से लागू नहीं किया जा रहा है। इसके लिए कई आदिवासी समाज के सामाजिक संगठन आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन अबुआ सरकार इस आंदोलन को अनदेखा कर रही है। ऐसे में राज्य के सभी आदिवासियों को एकजुट होने की जरूरत है। श्री सोय ने कहा कि जमीन हमारा है लेकिन अबुआ सरकार ने उद्योग और खनिज खदान के नाम पर हमारा जमीन का मालिक पूंजीपतियों को बना दे रहे हैं। जिसके कारण हमारे लोगों को जबरन विस्थापित किया जा रहा है। यही वजह है कि आज हमारे लोग अपना घर परिवार छोड़ कर दूसरे राज्यों में काम के तलाश में जा रहे हैं। इससे सामाजिक राजनीतिक और आर्थिक क्षति हो रही है। उन्होंने कहा कि वृहद झारखण्ड मोर्चा हमेशा सच्चाई के साथ अपना आंदोलन को आगे बढ़ा रही है। जिसके कारण पूंजीपतियों में खलबली मची हुई है। निकट भविष्य में हम अपना आंदोलन को और तेज करेंगे। जबकि केन्द्रीय महासचिव भरत सिंह गागराई ने कहा कि रूंगटा स्टील प्लांट जो चालियामा में चल रही है। कंपनी ने क्षेत्र के बेरोजगारों को स्थाई नौकरी देने से साफ इंकार करती है। इसके बावजूद भी अबुआ सरकार इस कंपनी के खिलाफ कोई करवाई आखिर क्यों नहीं कर रही है। यह समझ से परे है। इसीलिए हमें अपना सोना झारखंड को बचाना बहुत जरूरी है। जबकि केंद्रीय सलाहकार समिति के सदस्य गुनाराम जामुदा ने कहा कि झारखंड अलग राज्य बनने के 24 साल के बाद वृहद झारखण्ड मोर्चा ने एक बड़ा आंदोलन करने की तैयारी कर रही है। अब राज्य के लोगों की उम्मीद बढ़ने लगी है कि अब तक वीर शहीदों और क्रांतिकारी आंदोलनकारियों के अधूरे सपनों जरूर साकार किया जाएगा। केन्द्रीय संगठन सचिव चूड़ी पुरती ने कहा कि मैं एक आर्मी रिटायर हूं मैंने देखा कि आज झारखंड राज्य में बाहरी पूंजीपतियों का वर्चस्व कायम है इसे झारखंड को बचाना बेहद जरूरी है। इसीलिए मैंने अपना जीवन का बाकी समय वृहद झारखण्ड मोर्चा में रह कर राज्य बचाने के लिए काम करूंगा। वही केन्द्रीय सचिव सारंगधर हेंब्रम ने कहा कि संगठन का सदस्यता अभियान पिछले कई महीनों से चल रही है। जो अगले दिसंबर महीना तक चलेगी। उसके बाद कोल्हान प्रमंडल के तीनों जिलों को मिलाकर कोल्हान प्रमंडल स्तरीय एक विशाल सम्मेलन का आयोजित किया जाएगा। इस बैठक में मुख्य रूप से भरत सिंह गागराई, गुनाराम जामुदा, चूड़ी पुरती, सारंगधर हेंब्रम, अभय सिंह जामुदा, सावन बारला, दुर्गा चरण पुरती, गोंड़ो पुरती, असलधर पुरती, चम्बरा पुरती, सुखराम पुरती, मानकी पड़ेगा, सिनू पुरती, राम पुरती, श्याम टीटीनगेल, जोकलो पुरती, सावित्री गंगी, नंदी पुरती, सोमाय पुरती, मोटाय बारला आदि उपस्थित थे।
