जिले के बंजरभूमि और जंगलो में एक लाख मिट्टी से बने बीज का गोला फेंकने का लक्ष्य, ताकि हमारा पर्यावरण हरा-भरा रहे और ग्रामीणों को फलदार फल मिलता रहे,
Jamshedpur पर्यावरण संरक्षण और बंजरभूमि को हरा-भरा करने के लिए मेराकी संस्था ने एक अनोखी पहल शुरू की है। संस्था ने पूर्वी सिंहभूम जिले में 1 लाख मिट्टी के बीज गोलों को बंजरभूमि, जंगलों और खुले मैदानों में फेंकने का लक्ष्य रखा है। इस पहल में गांव की महिलाएं और युवा मिलकर मिट्टी के गोले बना रहे हैं, जिनमें इमली, आम, जामुन और कटहल जैसे फलदार पौधों के बीज डाले जा रहे हैं। इन मिट्टी के गोलों को धूप में सुखाने के बाद इन्हें बंजरभूमि और जंगलों में फेंका जाएगा। बारिश के दौरान ये गोले फटकर बीज अंकुरित होंगे और पौधों के रूप में विकसित होकर बड़े वृक्ष बनेंगे। इससे न केवल पर्यावरण हरा-भरा रहेगा, बल्कि ग्रामीणों को फलदार वृक्षों से फल भी प्राप्त होंगे।

*मेराकी संस्था की सचिव रीता पात्रों ने कहा* , “पर्यावरण बचेगा तभी हम बचेंगे। वृक्षों की अंधाधुन कटाई से हम चिंतित हैं। इसलिए हमने ग्रामीण महिलाओं और युवाओं के साथ मिलकर यह पहल शुरू की है। हमारा लक्ष्य 1 लाख बीज गोले बनाकर जिले के हर प्रखंड की बंजरभूमि और जंगलों में फेंकना है, ताकि पर्यावरण हरा-भरा रहे और ग्रामीणों को फल मिले।”

*इस पहल से गांव के युवाओं* में भी खासा उत्साह देखा जा रहा है। युवाओं का कहना है कि ये पेड़ भविष्य में फल देंगे, जिससे गांव वासियों को लाभ होगा और पर्यावरण भी संरक्षित रहेगा।

मेराकी संस्था की इस अनूठी मुहिम से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ग्रामीण समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद मिलेगी।
