खरसावां में नशा मुक्ति अभियान के तहत निषिद्ध
मादक पदार्थ के उपयोग के रोकथाम पर प्रशिक्षण, हमें युवाओं को
नशा के गिरफ़्त से उन्हें बाहर निकालना होगा-दुग्रेश नंदनी
kharsawan खरसावां बाल विकास परियोजना कार्यालय बुधवार को नशा मुक्ति अभियान के तहत निषिद्ध मादक पदार्थ के उपयोग के रोकथाम के प्रचार प्रसार हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षक के रूप में मौजूद बाल विकास परियोजना पदाधिकारी आदित्यपुर दुर्गेश नंदिनी ने नशा में उपयोग होने वाले विभिन्न प्रकार के वस्तुएं, दवाइयां और अलग-अलग तरह के केमिकल के बारे में सभी को जानकारी देते हुए कहा कि हमें क्षेत्र के युवाओं को नशा के गिरफ़्त से उन्हें बाहर निकालना होगा। यूथ अफीम, कोकीन, हेरोइन, गांजा, कफ सिरप, व्हाइटनर, डेंड्राइट आदि अन्य मादक पदार्थों के सेवन से वे अपनी जिंदगी को बर्बाद कर रहे हैं। हमें अपने रोल को समझना होगा। लोगों में ,युवाओं में ड्रग्स के सेवन से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में उन्हें जागरूक करना होगा।

न्यू ट्रेंड ऑफ़ ड्रग्स को समझना होगा कि आख़िर युवा किन माध्यमों और विभिन्न दवाओं के मिश्रण कर उसे ड्रग्स (नशा) के रूप में उपयोग में लाते हैं और उन्हें उनके इस्तेमाल से होने वाले नुक़सान के बारे में बताना होगा। इस दौरान किशोर वर्ग युवा वर्ग के साथ-साथ अन्य व्यक्ति किस तरह से इसका उपयोग करते हैं, इसकी पहचान कैसे की जा सकती है इसके बारे में विस्तृत रूप से बताया। उन्होंने यह भी बताया कि हमें इसके रोकथाम के लिए किस तरह के कदम उठाने चाहिए हमारा पारिवारिक माहौल कैसा हो। ताकि इस दलदल में हमारे किशोर व युवा न फंसे और इस समस्या से हम निजात पा सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अन्य प्रशिक्षक के रूप में कुचाई की महिला पर्यवेक्षिका सरस्वती मांझी, खरसांवा की महिला पर्यवेक्षिका चंद्रावती अल्डा एवं शुभांकर लेन्का के साथ सभी सेविका व सहायिका उपस्थित थे।
