*साप्ताहिक जनता दरबार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों से क्रमवार मिले उपायुक्त, प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध निराकरण हेतु संबंधित पदाधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश…*
Seraikella
सरायकेला-खरसावाँ, 10 जुलाई, 2026 : उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जन शिकायत निवारण कार्यक्रम के तहत साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं शहरी क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याओं, मांगों एवं शिकायतों से संबंधित आवेदन उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किए।

जनता दरबार के दौरान उपायुक्त ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों से क्रमवार मुलाकात कर उनकी समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना तथा प्राप्त आवेदनों पर संवेदनशीलतापूर्वक संज्ञान लिया। इस दौरान कई मामलों का ऑन-द-स्पॉट निराकरण किया गया। वहीं जिन मामलों में विभागीय कार्रवाई अपेक्षित थी, उनसे संबंधित आवेदनों को आवश्यक कार्रवाई एवं समयबद्ध निष्पादन हेतु संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को हस्तांतरित करते हुए आवश्यक निर्देश दिए गए।
जनता दरबार में मुख्य रूप से खैगरा कंपनी द्वारा नवंबर एवं दिसंबर, 2023 में कार्य कराए जाने के बावजूद मजदूरी/वेतन भुगतान लंबित रहने, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, नीमडीह में छात्रा के नामांकन, राजनगर प्रखंड अंतर्गत एदल पंचायत के ग्राम रुपानाचना से पाचरीकुटुम तक पीसीसी सड़क निर्माण, नीमडीह प्रखंड के ग्राम लाकड़ी में सेविका चयन में अनियमितता की शिकायत, गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत बाड़ाकाकड़ा, टोला आमदिया में यमुना तालाब पर स्नान घाट एवं समाहरणालय को जोड़ने वाली सड़क निर्माण, अनुकम्पा नियुक्ति सम्बन्धित मामले, भूमि विवाद, विद्युत आपूर्ति सहित अन्य जनसमस्याओं से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए।
इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों से संबंधित अन्य जनशिकायतों एवं लोकहित से जुड़े मामलों पर भी आवेदन प्रस्तुत किए गए।
उपायुक्त ने कहा कि साप्ताहिक जनता दरबार आम नागरिकों एवं जिला प्रशासन के मध्य संवाद का एक प्रभावी माध्यम है, जिसके माध्यम से लोगों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाता है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त सभी आवेदनों का नियमानुसार परीक्षण करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें तथा गंभीर प्रकृति के मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन किया जाए।
