खरसावां गोलीकांड’ की घटना पर बनने वाली फिल्म की मई से शुरू होगी शूटिंग, 1 जनवरी 2027 को रिलीज, फिल्म में 60 से 70 स्थानीय कलाकारों को मिलेगा अभिनय का मौका,
Kharsawan
खरसावां में 1 जनवरी-1948 को हुए ऐतिहासिक गोलीकांड की घटना अब बड़े पर्दे पर दिखाई जाएगी। राहुल गागराई प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले बनने वाली यह फिल्म न केवल इतिहास को जीवंत करेगी, बल्कि नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों के संघर्ष और बलिदान से भी परिचित कराएगी। इस फिल्म को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। करीब डेढ़ करोड़ रुपये के बजट से बनने वाली इस फिल्म की शूटिंग मई महीने से शुरू की जाएगी। फिल्म की शूटिंग खरसावां समेत कोल्हान क्षेत्र के विभिन्न लोकेशनों पर की जाएगी। निर्माण टीम का लक्ष्य जुलाई तक शूटिंग पूरी करने का है। इसके बाद फिल्म को 1 जनवरी 2027, यानी खरसावां शहीद दिवस-2027 के अवसर पर रिलीज करने की योजना बनाई गई है। खरसावां गोलीकांड फिल्म में अभिनय के लिए चाईबासा, जमशेदपुर और खरसावां में सैकडो कलाकारों ने ऑडिशन दिया। जिसमें सेें 60 से 70 स्थानीय कलाकारों को अभिनय का मौका दिया जाएगा। इसके साथ ही ओड़िशा और पश्चिम बंगाल के कलाकार भी फिल्म का हिस्सा बनेंगे। तकनीकी टीम में भी बाहरी विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा, जिससे फिल्म की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सके। सेट डिजाइन और प्रोडक्शन के लिए अनुभवी टेक्नीशियनों की मदद ली जाएगी। उक्त जानकारी रविवार को आदिवासी सांस्कृतिक कला केन्द्र भवन खरसावां में कलाकारों के ऑडिशन के दौरान खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने दिया। इस दौरान खरसावां विधासरायकेला नगर पंचायत के अध्यक्ष मनोज चौधरी, सुमित कवि, छऊ गुरू मो दिलदार, समाजसेवी बांसती गागराई, श्याम बोबोगा, मोनिका विरूली, लक्ष्मण मुर्मू, संजय टोप्पो, शाहिल मुर्मू, शिवा देवगम, कालिया जामुदा, नीतिमा जोको, मनोज सोय आदि उपस्थित थे।
लक्ष्मण मुर्मू संभालेंगे निर्देशन की कमान
इस फिल्म की कहानी और पटकथा ओड़िशा के मयूरभंज निवासी लक्ष्मण मुर्मू ने लिखी है। वे ही फिल्म के निर्देशक की भूमिका भी निभाएंगे. लक्ष्मण मुर्मू इससे पहले ‘जाहेर आयोआ थिड़ी रे सोना सिकड़ी’, ‘फागुन पोनाई’, ‘काडो कुइली’ और ‘प्रेम पासे’ जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुके हैं। उनके अनुभव से इस फिल्म को एक सशक्त प्रस्तुति मिलने की उम्मीद है।
विधायक दशरथ गागराई निभाएंगे अहम किरदार
खरसावां के झामुमो विधायक दशरथ गागराई इस फिल्म में ग्राम मुंडा की भूमिका में नजर आएंगे। वे पहले भी हो भाषा की कई फिल्मों और एलबम में अभिनय कर चुके हैं। राजनीति के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता के लिए फिल्मों का माध्यम अपनाना उनकी खास पहचान बन चुका है।
लोकेशन सर्वे और तथ्य संग्रह का काम जारी
फिल्म की प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए टीम द्वारा विभिन्न लोकेशनों का दौरा किया जा रहा है। लेखक एवं निर्देशक लक्ष्मण मुर्मू, विधायक दशरथ गागराई, कॉस्ट्यूम डिजाइनर नितिमा जोंको और अन्य कलाकारों ने खरसावां गोलीकांड से जुड़े क्षेत्रों का भ्रमण कर ऐतिहासिक तथ्यों का संग्रह किया है। इससे फिल्म को वास्तविकता के करीब लाने में मदद मिलेगी।
नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने की पहल
विधायक दशरथ गागराई के अनुसार, यह फिल्म खासतौर पर नई पीढ़ी को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। उनका मानना है कि आज की युवा पीढ़ी को अपने इतिहास और पूर्वजों के बलिदान के बारे में जानकारी होना जरूरी है। यह फिल्म उन्हें अपने अतीत से जोड़ने का काम करेगी।
बहुभाषी रिलीज की भी योजना
निर्माताओं की योजना इस फिल्म को केवल हो भाषा तक सीमित न रखकर हिंदी, ओड़िया और संथाली समेत अन्य भाषाओं में भी डब करने की है। इससे फिल्म को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाया जा सकेगा।
खरसावां गोलीकांडरू इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय
1 जनवरी 1948 को हुआ खरसावां गोलीकांड झारखंड के इतिहास का एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील अध्याय है। इस घटना में कई लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। यह फिल्म उसी ऐतिहासिक घटना को पर्दे पर लाकर लोगों को उस दौर की सच्चाई से रूबरू कराएगी।
फिल्म से क्षेत्रीय सिनेमा को मिलेगा बढ़ावा
इस फिल्म के जरिए न केवल इतिहास को संजोने का प्रयास किया जा रहा है, बल्कि क्षेत्रीय सिनेमा को भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है। स्थानीय कलाकारों को अवसर मिलने से उनकी प्रतिभा को मंच मिलेगा और क्षेत्रीय फिल्म उद्योग को भी मजबूती मिलेगी।
सामाजिक संदेश के साथ मनोरंजन का संगम
यह फिल्म केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होगी, बल्कि समाज को एक मजबूत संदेश भी देगी। इतिहास, संस्कृति और संघर्ष की कहानी को दर्शाते हुए यह फिल्म दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाने का प्रयास करेगी।
