खरसावां के चार गांवों के 134 विस्थापित परिवारों के
पुनर्वास व रोजगार का मामला गरमाया, वर्षों पहले परियोजना के लिए
उनकी जमीन ली गई, लेकिन आज तक उन्हें नहीं मिला न्याय,
Kharsawan
खरसावां के महत्वकांक्षी शुरू जलाशय परियोजना का सफर 1982 से शुरू होकर वर्ष 2025 में भी पूरा नहीं हो सका। वर्ष 2026 में योजना के पुरा होने की उम्मीद जगी है। इस 44 वर्षो के सफर में तीन बार टेंडर हुआ। परियोजना की लागत 11.92 करोड से बढ़कर 64 करोड पहुचा़ गया। इसके बावजूद खरसावां के महत्वकांक्षी योजना का पूरा नही हो सका है। इस शुरू जलाशय परियोजना से खरसावां प्रखंड अंतर्गत रीडिंग पंचायत के ग्राम लखनडीह, रायजामा टोला, चेतनपुर एवं रेयाडा के 134 विस्थापित परिवारों के पुनर्वास एवं रोजगार का मामला एक बार फिर प्रशासनिक स्तर पर उठाया गया है।

मामला शुरू जलाशय परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों से जुड़ा है, जिन्हें अब तक न तो समुचित मुआवजा मिला है और न ही नियमानुसार रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इस संबंध में खूंटी लोकसभा क्षेत्र के सांसद काली चरण मुंडा द्वारा केंद्रीय स्तर से पत्राचार करते हुए झारखंड सरकार के जल संसाधन विभाग से शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई थी। सांसद के पत्र के आलोक में झारखंड सरकार के जल संसाधन विभाग द्वारा संबंधित अधिकारियों पुनर्वास पदाधिकारी, मध्यम सिंचाई परियोजना रांची ने विशेष भूमि अर्जन पदाधिकारी, चाईबासा को निर्देशित किया गया है कि वे आवेदन में उल्लिखित बिंदुओं की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें तथा की गई कार्रवाई से विभाग को अवगत कराएं। इससे पूर्व कार्यपालक अभियंता, जलपथ प्रमंडल चाईबासा द्वारा भी स्पष्ट किया गया था कि प्रभावित परिवारों को अब तक मुआवजा एवं नौकरी नहीं मिली है और इस दिशा में कार्रवाई की आवश्यकता है। संबंधित पत्रों की प्रतिलिपि उच्चाधिकारियों को भी भेजी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों पहले परियोजना के लिए उनकी जमीन ली गई, लेकिन आज तक उन्हें न्याय नहीं मिला। अब प्रशासनिक स्तर पर फिर से हलचल तेज होने से प्रभावित परिवारों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही उन्हें पुनर्वास और रोजगार का लाभ मिलेगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में केवल पत्राचार नहीं, बल्कि ठोस और समयबद्ध कार्रवाई की जाए।
2009 तक खर्च पर एक नजर
वन विभाग की भूमि का मुआवजा- 9 करोड़ 84 लाख 89 हजार।
पेड़ पोधों की क्षतिपूर्ति राशि- 69.93 लाख।
जिला भू अर्जन पदाधिकारी को भुगतान मार्च 2007 तक- 97.6 लाख।
1990 के पुर्व हुआ खर्च- 55.14 लाख।
नागार्जुन कंस्ट्रक्षन को दी गई राशि- 77.87 लाख।
कार्य की प्रगति- मात्र दो प्रतिशत
वर्ष 2009 तक योजना पर खर्च-13.54 करोड़
शुरू जलाशय परियोजना की पटवन क्षमता
प्रस्तावित जल ग्रहण क्षेत्र: 63.455 वर्ग किमी.
लंबाई: 165.85 मीटर
उंचाई: 35.06 मीटर
जलाषय क्षमता: 277.98 हें. मीटर
खरीफ फसल की सिंचाई: 293.5 हेक्टेयर
रबी फसल की सिंचाई: 1506 हेक्टेयर
नहर की लंबाई: 11.61 किलोमीटर
अधिकतम स्पाकित जलश्राव: 987 क्यूसेक
मानसून वर्षा: 2382.70 एम एम
डूब क्षेत्र: 296.72 हेक्टेयर
डूब गांव: लखीनडीह, चैतन्यपुर, रेयाडढ़ा
कई गांवो में छाती हरियाली
शुरू जलाशय परियोजना के पूरा होने पर खरसावां प्रखंड के हुडांगदा, पतपत, रिडीगदा, नारायणबेडा, काटांडीह, टांकोडीह, बरजूडीह, हरिभंजा, रामपुर एवं कुचाई प्रखंड के पुनीबुडी दामादिरी सहित कई गांव लाभान्वित होते। इस योजना का इंतजार किसानों को लंबे समय से हैं।,इसके पूरा होने पर सालो भर खेतो में हरियाली होती। हरियाली के साथ खुशहाली आती एवं लोगो का पलायन भी रुकता।
साइट में 2016 एवं 2019 में हुई थी नक्सली घटना
खरसावां के हुडांगदा शुरू जलाशय परियोजना साइट में नक्सली घटना हुई थी। पहली घटना विगत 23 जुन 2016 की रात नक्सलियों ने हुडांगदा में सुरु सिचाई परियोजना के निर्माण कार्य में लगे दो पोकलेन मशीन, एक टेªलर, चार हाईवा, एक डोजर मशीन सहित कुल आठ वाहनों को फूंक डाला था। इसके अलावे ड्राईवर एवं खलासियों के साथ मारपीट की थी। वही वन विभाग के दो पुराने भवनों को ब्लास्ट कर उडा दिया था। जबकि दूसरी घटना विगत 20 मई 2019 की सुबह खरसावां के नक्सल प्रभावित क्षेत्र हुडांगदा शुरू जलाशय परियोजना साइट में तीन आईईडी धमाका के साथ नक्सली-मुठभेड़ कर तीन जवानों को जख्मी कर दिया था।
