खरसावां मॉडल स्कूल में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों का दी विदाई, विद्यार्थियों ने गीत, संगीत और नृत्य की दी मनमोहक प्रस्तुति, अनुशासन, लक्ष्य के प्रति समर्पण और निरंतर परिश्रम ही सफलता की कुंजी है-डॉ. मो. मुश्ताक़ अहमद
Kharsawan
खरसावा मॉडल स्कूल में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के सम्मान में एक भावपूर्ण विदाई समारोह का आयोजन किया गया। यह गरिमामय कार्यक्रम बुरुडीह स्थित डिग्री कॉलेज के मंच परिसर में शांत एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डिग्री कॉलेज बुरुडीह, खरसावां के प्राचार्य डॉ. मो. मुश्ताक़ अहमद द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकगण, बीएड प्रशिक्षणार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

जूनियर विद्यार्थियों ने गीत, संगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने वरिष्ठ साथियों के प्रति सम्मान और स्नेह प्रकट किया। मौके पर श्री अहमद ने विद्यार्थियों को शुभाशीर्वाद देते हुए कहा कि अनुशासन, लक्ष्य के प्रति समर्पण और निरंतर परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षकों द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलकर समाज एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय का अंतिम दिन जीवन का एक महत्वपूर्ण और अविस्मरणीय पड़ाव होता है, जो भविष्य की दिशा तय करता है। जबकि बीपीओ पंकज कुमार महतो ने कहा कि विद्यालय से प्राप्त शिक्षा और संस्कार जीवन भर मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने आत्मविश्वास, धैर्य और निरंतर प्रयास को सफलता का मूल मंत्र बताया।

प्रधानाचार्या बासुमति मिश्रा ने कहा कि विद्यार्थी अपने भविष्य के स्वयं निर्माता हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से मेहनत, लगन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आग्रह किया। वही विद्यालय के शिक्षक जीडी महंत, शिक्षिका शशिबाला बागे सहित अन्य शिक्षकों ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह विदाई अंत नहीं, बल्कि नए सपनों और नए अवसरों की शुरुआत है। इस दौरान मुख्य रूप से शिक्षक सतीश सेन प्रधान, प्रभात कुमार महतो, विकास चंद्र महतो, बासंती महतो, सुनीता महतो, प्रियतम सिंह, चंदन महतो, पुष्पा रानी महतो, सुनीता देवी सहित बीएड प्रशिक्षणार्थी रोज़लिन नाहक, मार्शल बागे, अंकित महतो, मोहम्मद अब्दुल सत्तार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मंच संचालन बीएड प्रशिक्षणार्थी शिक्षिका रोज़लिन नाहक एवं दिनेश सिंह मुंडा द्वारा किया गया।
