कुचाई में अति गंभीर कुपोषित बच्चों के लिए ‘शिशु
शक्ति’ संवर्धित टीएचआर का शुभारंभ, ‘शिशु शक्ति खाद्य पैकेट का
वितरण, कुपोषण मिटाने में सभी का सहयोग जरूरी-डीसी,
Kuchai
कुचाई मुख्यालय के सभागार में अति गंभीर कुपोषित बच्चों के पोषण सुधार हेतु ‘शिशु शक्ति’ संवर्धित टीएचआर के शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन जिला उपायुक्त नितिश कुमार सिंह, सरायकेला अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस दौरान 6 बच्चों के बीच शिशु शक्ति खाद्य पैकेट का वितरण किय गया। मौके पर अपना अनुभव को साझा करते हुए उपायुक्त श्री सिंह ने कहा कि कुपोषण मिटाने में सभी का सहयोग जरूरी है।

कुपोषण से बच्चों की मानसिक एवं शारीरिक वृद्धि प्रभावित होती है। संवर्धित टीएचआर ‘शिशु शक्ति’ समुदाय आधारित कुपोषण प्रबंधन कार्यक्रम (सीएमएएम) के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण नवाचार है, जिससे अति गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण सहायता मिलेगी। उन्होंने सेविकाओं से इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आह्वान किया। उन्होने कहा कि शिशु शक्ति संवर्धित टीएचआर (टेक-होम राशन) का मुख्य उद्देश्य झारखंड में 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों, विशेषकर अति गंभीर कुपोषित (एसएएम ) बच्चों में कुपोषण को जड़ से खत्म करना और उनके शारीरिक व मानसिक विकास को सुधारना है। यह उच्च प्रोटीन और पोषक तत्वों से भरपूर आहार है जो वजन व लंबाई में सुधार लाता है। जबकि अनुमंडल पदाधिकारी श्री प्रकाश ने कहा कि बच्चों की उचित देखभाल अत्यंत आवश्यक है और सरकार की योजनाओं का लाभ सभी पात्र बच्चों तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। रांची रिम्स के डा० आशा किरण ने बताया कि इससे पूर्व यह कार्यक्रम पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर प्रखंड में सफलतापूर्वक लागू किया गया है। उन्होंने जिले में अति गंभीर कुपोषित बच्चों के सटीक चिन्हिकरण पर विशेष जोर दिया। वही क्षेत्र को कुपोषण मुक्त करने पर शपथ दिलाया गया। इस दौरान मुख्य रूप से उपायुक्त नितिश कुमार सिंह, एसडीएम अभिनव प्रकाश, प्रमुख गुडडी देवी, बीडीओ साधु चरण देवगम, सीओ सुषमा सोरेन, जिप झिग्गी हेम्ब्रम, सासंद प्रतिनिधि मानसिंह मुंडा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सुरूची प्रसाद, डा० आशा किरण, डा० दिगंबर शर्मा, डा० सुजित मुर्मू, अजय कुमार वर्मा, शमिता मंडल, मुखिया करम सिंह मुंडा, मुखिया लुदरी हेम्ब्रम, मुखिया मंगल सिंह मुंडा, महिला पर्यवेक्षिकाएं, आंगनबाड़ी सेविकाएं, सहिया तथा अति गंभीर कुपोषित बच्चों की माताएं व देखभालकर्ता उपस्थित थे।
