मध्यस्थता को बढ़ावा देने के लिए “मेडिएशन फॉर द नेशन 2.0” का आयोजन, 1 फरवरी से 30 अप्रैल 2026 तक चलेगा विशेष अभियान
Seraikela
भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं माननीय एमसीपीसी (मेडिएशन एंड कंसिलिएशन प्रोजेक्ट कमेटी) के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में “मेडिएशन फॉर द नेशन 2.0” कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह विशेष मध्यस्थता अभियान 01 फरवरी 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक कुल 90 दिनों की अवधि में संचालित किया जाएगा।
इस विशेष अभियान के अंतर्गत 02 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 के बीच चिन्हित किए गए मामलों/प्रकरणों को मध्यस्थता के माध्यम से निपटाने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान न्यायालयों में लंबित ऐसे मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनका समाधान आपसी सहमति एवं संवाद के माध्यम से संभव है।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी इसी प्रकार का एक सफल अभियान “मेडिएशन फॉर द नेशन” के नाम से 01 जुलाई 2025 से 30 सितंबर 2025 तक आयोजित किया गया था। उस अभियान के दौरान बड़ी संख्या में मामलों की पहचान की गई थी, जिन्हें बाद में 90 दिनों की विशेष अवधि में मध्यस्थता के माध्यम से प्रभावी ढंग से निस्तारित किया गया। इस पहल को न्यायिक व्यवस्था में त्वरित, सुलभ एवं सौहार्दपूर्ण न्याय प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया।
मेडिएशन फॉर द नेशन 2.0 का उद्देश्य न केवल न्यायालयों पर बढ़ते मुकदमों के बोझ को कम करना है, बल्कि पक्षकारों के बीच आपसी संवाद, समझौते एवं शांतिपूर्ण समाधान की संस्कृति को भी प्रोत्साहित करना है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) की प्रभारी सचिव, सुश्री अनामिका किस्कू ने बताया कि यह अभियान न्यायिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है और इससे आम नागरिकों को समय, धन एवं मानसिक तनाव से राहत मिलेगी। उन्होंने अधिक से अधिक वादकारियों से इस पहल का लाभ उठाने की अपील की।
