डिविजनल जेल, सरायकेला में नालसा डॉन योजना के तहत नशामुक्ति शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन,
Seraikella
माननीय झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA), रांची के निर्देशानुसार तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली के तत्वावधान में नालसा डॉन योजना (NALSA DAWN Scheme), 2025 के अंतर्गत डिविजनल जेल, सरायकेला में एक नशा मुक्ति शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम माननीय श्री रामशंकर सिंह, learned प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), सरायकेला-खरसावां के मार्गदर्शन एवं श्रीमती अनामिका किस्कू, learned सचिव, DLSA (प्रभारी) के पर्यवेक्षण में आयोजित किया गया।
शपथ ग्रहण समारोह की अध्यक्षता श्रीमती अनामिका किस्कू, learned सचिव, DLSA (प्रभारी) ने की। इस अवसर पर श्री दिलीप कुमार शॉ, मुख्य विधिक सहायता प्रतिरक्षा अधिवक्ता (Chief LADC), सरायकेला; श्री सुनीत कर्मकार, उप मुख्य LADC; श्री अंबिका चरण पाणि, सहायक LADC; श्री विजय कुमार महतो, सहायक LADC तथा डिविजनल जेल, सरायकेला के जेलर उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जेल के बंदियों एवं पैरालीगल वालंटियर्स ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत में श्री अंबिका चरण पाणि, सहायक LADC, सरायकेला ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए नालसा डॉन योजना, 2025 के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह योजना माननीय नालसा की पूर्ववर्ती योजनाओं एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण निर्णयों के आधार पर अस्तित्व में आई है, जिसका उद्देश्य समाज को नशामुक्त बनाना है।
इसके पश्चात श्री दिलीप कुमार शॉ, मुख्य LADC, सरायकेला ने बंदियों को संबोधित करते हुए बताया कि किस प्रकार लोग सहकर्मी दबाव (Peer Pressure) एवं असामाजिक तत्वों के प्रभाव में आकर नशे की गिरफ्त में फंस जाते हैं। उन्होंने नशा सेवन से जुड़े कानूनी प्रावधानों, एनडीपीएस अधिनियम (NDPS Act) तथा उपलब्ध हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। उन्होंने विस्तार से समझाया कि नशे की शुरुआत कैसे धीरे-धीरे एक दुष्चक्र में बदल जाती है और व्यक्ति अल्प समय में इसका आदी बन जाता है।

उन्होंने कहा कि नशा केवल नशा करने वाले व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार एवं समाज को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है, जिससे देश में अशांति, अपराध और सामाजिक अव्यवस्था बढ़ती है। नशे की लत व्यक्ति को अपराध की ओर धकेलती है और धन की कमी होने पर वह घर एवं समाज में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हो जाता है। उन्होंने बंदियों से अपील की कि वे क्षणिक सुख के लिए अपना जीवन बर्बाद न करें तथा नशे से मुक्ति के लिए आगे आएं। साथ ही उन्होंने बताया कि LADC प्रणाली के माध्यम से नशे से प्रभावित व्यक्तियों को किस प्रकार कानूनी सहायता प्रदान की जा सकती है।
इसके उपरांत श्रीमती अनामिका किस्कू, learned सचिव, DLSA (प्रभारी) ने उपस्थित सभी लोगों को नशा विरोधी शपथ दिलाई तथा उनसे आग्रह किया कि वे शपथ का पालन करें और स्वयं को एवं दूसरों को नशे से दूर रखें।
शपथ ग्रहण समारोह के बाद एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बंदियों को उनके कैदियों के कानूनी अधिकारों एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सरायकेला-खरसावां द्वारा प्रदत्त निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई।
इसके अतिरिक्त, नालसा डॉन योजना के अंतर्गत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा चलाए जा रहे अभियान “Say Yes To Life, No To Drugs” की ई-शपथ में आम जनता एवं पैरालीगल वालंटियर्स की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की गई। साथ ही, शिक्षकों, अभिभावकों एवं युवाओं के साथ संवादात्मक बैठकें भी आयोजित की गईं, जिनका उद्देश्य समाज में नशा उन्मूलन के प्रति जागरूकता फैलाना था।
