खरसावां मॉडल स्कूल में गणितीय रंगोली प्रतियोगिता,
गणित हमें सोचने, तर्क करने और समस्याओं का समाधान
खोजने की क्षमता प्रदान करता है-जीडी महन्त,
Kharsawan
खरसावां प्रखंड बुरुडीह स्थित मॉडल स्कूल खरसावां में विश्व गणित दिवस के पावन अवसर पर विद्यार्थियों में गणित के प्रति रुचि और रचनात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से गणितीय रंगोली प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में कक्षा 6 से 11वीं तक के विद्यार्थियों ने अपने-अपने समूहों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने संख्याओं, ज्यामितीय आकृतियों, सूत्रों और गणितीय प्रतिकों को रंगोली के माध्यम से अत्यंत आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया। बच्चों की कलात्मकता के साथ-साथ उसकी तार्किक सोच और गणितीय समझ भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी। निर्णायक मंडल द्वारा किए गए मूल्यांकन के उपरांत प्रथम स्थान दिव्या कुमारी एवं समूह पूनम माझी, लक्खी माझी, श्रीहित साहू। द्वितीय स्थान सुप्रिया महतो एवं समूह मुसीफा खातून, स्वीटी जंको। तृतीय स्थान पूजा महतो एवं समूह लक्ष्मी प्रमाणिक, शिल्पा महतो, मोनिका प्रमाणिक, सोनिया सोय को घोषित किया गया।

सभी विजेता समूहों को बीएड प्रशिक्षणार्थियों के द्वारा पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस संपूर्ण कार्यक्रम के सफल आयोजन का श्रेय बीएड प्रशिक्षणार्थी शिक्षक मार्शल बागे, मो. अब्दुल सत्तार, अंकित महतो, दिनेश सिंह मुंडा एवं रोजालिन नाहक को जाता है, जिनके मार्गदर्शन में यह प्रतियोगिता अनुशासित एवं प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुई। कार्यक्रम के दौरान शिक्षक जीडी महन्त ने गणित के इतिहास और उसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गणित केवल अंकों का विषय नहीं, बल्कि मानव सभ्यता के रीढ़ है। प्राचीन भारत में आर्यभट्ट, ब्रह्मगुप्त और भास्कराचार्य जैसे महान गणितज्ञों ने शून्य, दशमलव पद्धति और बीजगणित की नींव रखी। इन्हीं खोजों के कारण आज विज्ञान, तकनीक और अंतरिक्ष अनुसंधान संभव हो पाया है। गणित हमें सोचने, तर्क करने और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता प्रदान करता है। उन्होंने आगे कहा कि विद्यार्थियों को गणित से डरने के बजाय इसे जीवन से जोड़कर समझना चाहिए, क्योंकि दैनिक जीवन का कोई भी क्षेत्र गणित के बिना अधूरा है। इस दौरान मुख्य रूप से विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका बासुमति मिश्रा, शिक्षिका शशिबाला बागे, शिक्षक जीडी महन्त, सतीश सेन प्रधान, प्रभात कुमार महतो, विकास चंद्र महतो, बासंती महतो, सुनीता महतो, प्रियतम सिंह, चंदन महतो, पुष्पा रानी महतो, सुनीता देवी आदि उपस्थित थे।
