खरसावां के चिलकू और सिमला में लगा सरकार आपके
द्वार शिविर, लाभूकों में परिसंपत्तियों का वितरण, सरकार की मंशा है कि
प्रत्येक पात्र लाभुक को गांव स्तर पर ही सुविधाएं उपलब्ध हों-बीडीओ
kharsawan
खरसावां प्रखंड के अंतर्गत चिलकू और सिमला पंचायत भवन में सेवा का अधिकार सप्ताह के तहत आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत उदघाटन दीप प्रज्जलीप कर खरसावां उप प्रमुख ज्योत्सना मंडल, प्रखंड बिकास पदाधिकारी प्रधान माझी, मुखिया सबीता मुंडारी, मुखिया विशुलाल माझी आदि के द्वारा किया गया। दोनों पंचायतों में सुबह से ही ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे और विभिन्न सेवाओं का लाभ उठाया। इस संबंध में खरसावां के प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रधान माझी ने बताया कि शिविर में जाति, आवासीय, आय प्रमाणपत्र के साथ-साथ दाखिल खारिज, ऑनलाइन रसीद, सीमांकन संबंधी आवेदनों के लिए विशेष स्टॉल लगाए गए।

इसी प्रकार जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र, नया राशन कार्ड तथा सभी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन से संबंधित आवेदनों के लिए अलग-अलग काउंटर स्थापित किए गए। राज्य सरकार के निर्देशानुसार तथा जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित तिथि के अनुरूप आयोजित इस शिविर में न केवल आवेदन प्राप्त किए गए, बल्कि कई मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन भी किया गया। इसके बाद प्रखंड अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद किया और सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। शिविर में वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, आबुआ आवास, मुख्यमंत्री मंईया सम्मान योजना, राशन कार्ड सुधार, मनरेगा जॉब कार्ड, आवास योजना, किसान सम्मान निधि, जाति, आय व निवास प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदन प्रमुख रहे। कई मामलों में मौके पर ही दस्तावेजों की जांच कर त्वरित कार्रवाई की गयी, जबकि शेष आवेदनों के शीघ्र निष्पादन का आश्वासन दिया गया। इस दौरान लाभूकों में परिसंपक्तियों और प्रमाण पत्रों का वितरण किया गया। मौके पर श्री माझी ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक पात्र लाभुक को गांव स्तर पर ही सुविधाएं उपलब्ध हों। ऐसे शिविर ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाते हैं। इस दौरान मुख्य रूप से खरसावां उप प्रमुख ज्योत्सना मंडल, बीडीओ प्रधान माझी, मुखिया सबीता मुंडारी, मुखिया विशुलाल माझी, पंचायत सचिव दीपक उरावं, बबलु महतो, जमाल अंसारी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि व ग्रामीण उपस्थित थे।
