खरसावां-कुचाई के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों
का टीचर नीड एसेसमेंट परीक्षा में 723 शिक्षक हुए शामिल,
शिक्षण गुणवत्ता का आकलन करना उदेश्य-बीईईओ,
kharsawan-kuchai
झारखंड शिक्षा परियोजना की ओर से खरसावां-कुचाई प्रखंड में टीचर नीड असेसमेंट परीक्षा-2025 का आयोजन किया गया। राजकीय प्लस टू उच्च विद्यालय खरसावां और प्लस टू उच्च कुचाई केन्द्र में विगत 18 से 20 नवंबर तक टीचर नीड असेसमेंट (टीएनए) के तहत दूसरे चरण की परीक्षा का आयोजन किया गया है। जिसमें खरसावां-कुचाई प्रखंड के कुल 730 शिक्षकों में से 723 शिक्षक शामिल हुए। राजकीय प्लस टू उच्च खरसावां में कुल 401 शिक्षकों में से 399 शिक्षक शामिल हुए। जबकि प्लस टू उच्च कुचाई केन्द्र में कुल 329 शिक्षकों में से 324 शिक्षक शामिल हुए।
निर्धारित केन्द्रों पर कक्षा 01 से 12 के सभी सरकारी विद्यालयों के सरकारी शिक्षक, सहायक अध्यापक ,टीजीटी, पीजीटी व केजीबीभी व नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय विद्यालयों के सभी शिक्षकों का टीचर नीड एसेसमेंट का आयोजन किया गया है। खरसावां-कुचाई के बनाए गए प्रत्येक 2 केन्द्रों पर दो पालियों में टीचर नीड एसेसमेंट आयोजित किया गया। प्रथम पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक व द्वितीय पाली दोपहर 2 बजे से 4.30 बजे अपराह्न तक अयोजित किया गया। टीचर नीड असेसमेंट परीक्षा के दौरान मुख्य रूप से उपस्थित प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी संजय कुमार जोशी ने कहा कि इस आकलन का उद्देश्य शिक्षकों की विषयवार दक्षता, प्रशिक्षण की वास्तविक जरूरत और शिक्षण गुणवत्ता का आकलन करना है। परिणामों के आधार पर विभाग द्वारा जरूरत-आधारित प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे, जिससे शिक्षकों की पेशेगत क्षमता बढ़े और विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में सुधार हो सके। उन्होने कहा कि टीचर नीड असेसमेंट शिक्षकों के क्षमता निर्माण के लिए महत्वपूर्ण और संगठित पहल है। इस परीक्षा के माध्यम से शिक्षक अपने स्वयं का मूल्यांकन कर पायेंगे। साथ ही नयी शिक्षा नीति के तहत सभी शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण के साथ जोड़ा जा रहा है। इस दौरान मुख्य रूप से एपीओ मनोज कुमार, बीईईओ संजय कुमार जोशी, बीपीओ पंकज कुमार महतो, बीपीओ नाथो महतो, बीआरपी राजेन्द्र गोप, बीआरपी मिहिर कुमार दास, पदमलोचन महतो, सीआरपी सरोज मिश्रा, वैद्यनाथ मालाकार, विशेश्वर महतो, गोपाल शतपति, राज कुमार महतो, हरिश चन्द्र लोनिया, राजेश कुमार प्रधान, राजेन्द्र गुदूवा, शितल प्रसाद, शलेन्द्र प्रधान आदि उपस्थित थे।
